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Shukra Uday:शुक्र का उदय, रिश्ते में लानी है मधुरता या रूठे प्यार को मनाना है तो करें ये उपाय, जल्द दिखेगा असर

Shukra Uday: दांपत्य जीवन में सुख-दुख, सामंजस्य, प्रेम होना या न होना दंपती की कुंडली में शुक्र की स्थिति पर निर्भर करता है। शुक्र 23 मार्च 2025को प्रात: 6 बजकर 35 मिनट पर पूर्व दिशा में उदय हो रहा है। शुक्र जब उदय हो उस समय वह सर्वाधिक प्रभावशाली (बली) रहता है, इसलिए उसे प्रसन्न करने का यही सबसे अच्छा समय होता है।

Shukra Uday

खराब शुक्र किन भावों में (Shukra Uday)

कुंडली में शुक्र तीसरे, पांचवें, छठे, आठवें और 12वें भाव में सबसे ज्यादा खराब प्रभाव देता है। यदि इन भावों में स्वगृही हो तो अशुभ प्रभाव में कमी आ जाती है। किंतु इन सभी भावों में शुक्र के होने से भावों से संबंधित बुरे प्रभाव मिलते हैं। शुक्र यदि पाप ग्रहों के साथ हो तो अशुभ फलों में बढ़ोतरी हो जाती है।

शुक्र अपनी नीच राशि कन्या में हो तो जातक का पारिवारक और दांपत्य जीवन प्रभावित करता है। शुक्र सूर्य और चंद्र के साथ बैठा हो तो जीवन में अनेक प्रकार के कष्ट सदैव बने रहते हैं।

शुक्र कहां शुभ फल देता है (Shukra Uday)

शुक्र कुंडली के 1, 2, 4, 9 और 10वें भाव में सर्वाधिक शुभ फल देता है। इन भावों में होने पर शुक्र राजा के समान राजसी जीवन प्रदान करता है। इन भावों में शुक्र यदि राहु के साथ है तो व्यक्ति को अतुलनीय धन संपदा प्रदान करता है।

खराब शुक्र के लक्षण (Shukra Uday)

  • शुक्र के खराब होने के कारण दांपत्य जीवन संकट में आ जाता है, पति-पत्नी में अनबन रहती है। उनमें यौन इच्छा की कमी रहती है। उनमें हमेशा विवाद होते रहते हैं।
  • शुक्र खराब होने के कारण व्यक्ति का चेहरा और शरीर निस्तेज हो जाता है। लोग उससे स्वत: ही दूर जाने लगते हैं। व्यक्ति का प्रभाव कम हो जाता है।
  • शुक्र के कमजोर होने से व्यक्ति लग्जरी लाइफ से दूर हो जाता है। उसके पास धन की कमी होने लगती है। वह खुद पर भी खर्च करने की स्थिति में नहीं रहता है।

शुक्र उदय में कैसे ठीक करें अपना शुक्र (Shukra Uday)

जिन जातकों के जीवन में ऐसी ही अनेक समस्याएं चल रही हों उन्हें शुक्र की मजबूती के उपाय करने चाहिए। शुक्र को मजबूत करने के लिए सबसे अच्छा समय तब होता है जब शुक्र उदय हो रहा होता है। शुक्र 23 मार्च को प्रात: 6:35 बजे उदय होगा। ठीक उस समय स्नानादि से निवृत्त होकर सफेद कपड़े पहनें।

केसर की स्याही से ऊं द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम: मंत्र लिखें

एक रेशमी कपड़े पर केसर की स्याही से ऊं द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम: मंत्र लिखें और इसका एक माला पिंक स्फटिक की माला से जाप करें। इस कपड़े पर गुलाब का इत्र लगाएं और इसे सदैव अपने पास रखें। जब तक यह कपड़ा आपके पास रहेगा, शुक्र आपका मजबूत रहेगा।

शुक्र की मित्र राशि कौन सी है?

वृष, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ मित्र राशि है, अगर जातकों की शादी इन राशियों में होती है तो वैवाहिक जीवन बहुत सुखी रहता है।

शुक्र की शत्रु राशि कौन सी है?

शुक्र की शत्रु राशि सिंह है,अगर इस राशि में शादी हो तो वैवाहिक जीवन हमेशा कष्ट में रहता है।

शुक्र की राशियां कौन सी हैं?

शुक्र की दो राशियां हैं - वृष और तुला। वृष स्थिर और तुला चर नेचर का प्रतिनिधित्व करती है।

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