Lockdown की नकारात्मकता को वास्तु के पांच उपायों से करें दूर
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के कारण इन दिनों लॉकडाउन चल रहा है। वायरस से बचाव के लिए पिछले लगभग दो महीने से लोग अपने घरों के भीतर रह रहे हैं। ये परिस्थितियां आगे और कब तक चलेगी, इस सवाल का जवाब लोग तलाशने की कोशिश कर रहे हैं और इन सबके बीच कई लोग तनाव महसूस कर रहे हैं। उनके मन में, घर में नकारात्मकता परसने लगी है। इस नकारात्मकता के माहौल से बाहर निकलने में वास्तु के कुछ छोटे और आसान उपाय आपकी मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे पांच उपाय जो न केवल आपके मन को सकारात्मक ऊर्जा से भर देंगे, बल्कि आपके घर का माहौल भी पूरी तरह से ऊर्जावान बन जाएगा।

सफाई, अनावश्यक वस्तुओं का बाहर निकालना
सबसे पहला उपाय है आप अपने पूरे घर की अच्छे से साफ-सफाई कर दें। पुराना अनुपयोगी, टूटा-फूटा सामान, टूटे मिट्टी आदि के बर्तन, टूटे कांच, टूटा फर्नीचर, बहुत दिनों से जो सामान आपके काम में नहीं आ रहा है, उसे बाहर निकाल दें। घर से सारे पर्दे धो दें, सोफे के कवर धो दें। ऐसी ही अनावश्यक वस्तुओं को घर से बाहर निकालकर रख दें। जब लॉकडाउन हटे तब इन्हें कबाड़ी को बेचा जा सकता है। इसके बाद अपने पूरे घर में नमक मिले पानी से पोछा लगा दें।

पौधों की देखभाल
यदि आपने घर में पौधे लगा रखे हैं तो उनकी देखभाल करें। एक दिन पौधों की सारी मिट्टी निकालकर उसमें खाद-पानी डालें। पौधों की छटाई करें। हो सके तो घर में मनी प्लांट लगाएं, तुलसी का पौधा लगाएं, खुशबूदार फूलों के पौधे लगाएं। यदि बीज रखे हों तो उन्हें गमलों में लगा दें। तुलसी के पौधे को घर की उत्तर या पूर्वी दिशा में लगाएं। मनी प्लांट का पौधा उत्तर दिशा में लगाया जा सकता है। लाल फूलों के पौधे दक्षिणी भाग में लगाएं। पौधों के साथ वक्त बिताने से आपके मन में सुकून और शांति आएगी।

पूर्वी भाग में क्रिस्टल बॉल
यदि आपके पास क्रिस्टल बॉल हो तो इसे घर के पूर्वी भाग में ऐसी जगह लगाएं जहां इस पर सुबह धूप पड़ती हो। यदि क्रिस्टल बॉल नहीं हो तो कांच के किसी बर्तन में पानी भरकर पूर्व दिशा में रखें और हर दिन इसका पानी बदलते रहें। इस पानी पर जब सुबह की धूप पड़ेगी तो इससे होकर निकलने वाली रोशनी घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करेगी। आपके मन को प्रसन्न् रखेगी।

खुशबूदार परिवेश
वास्तु शास्त्र में विभिन्न् प्रकार की खुशबुओं को बहुत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। आमतौर पर घरों में धूप बत्ती और अगरबत्ती उपलब्ध होती ही हैं। यदि है तो इन्हें प्रतिदिन सुबह और शाम के समय दक्षिण दिशा में लगाएं। यदि धूप और अगरबत्ती नहीं है तो प्रतिदिन सुबह और शाम थोड़ा सा कपूर जलाएं। इससे वातावरण शुद्ध होता है। कपूर की सुगंध से मन में अच्छी भावनाएं आती हैं।
रंगों का महत्व
वास्तुशास्त्र में प्रत्येक दिशा का एक रंग निश्चित है। यदि उस दिशा में उससे संबंधित रंग का प्रयोग किया जाए तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। यदि आपके मन में बहुत नकारात्मक विचार आ रहे हैं तो पश्चिम दिशा में पीले रंग का बल्ब लगाएं। उत्तर और पूर्व दिशा में सफेद रंग का बल्ब और दक्षिण दिशा में लाल रंग का बल्ब लगाया जा सकता है।












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