Must Read: इन चीजों का भूलकर भी न करें दान, वरना पड़ जाएंगे मुसीबत में
नई दिल्ली। हिंदू धर्म शास्त्रों में दान को सबसे बड़ा पुण्य कर्म माना गया है। दान देने से न केवल ग्रहों की पीड़ा शांत होती है, बल्कि देवी-देवता भी प्रसन्न होते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ग्रहों से संबंधित वस्तुओं का दान कभी-कभी उल्टा असर भी डाल सकता है। जी हां, यह सच है यदि कुछ विशेष ग्रह परिस्थितियों में आपने उनसे संबंधित चीजों का दान कर दिया तो लाभ होने की बजाय हानि होने लगती है। इसलिए ग्रहों के दान करते समय विशेष सावधानी और जानकारी की आवश्यकता होती है। आइये जानते हैं कब किस ग्रह के संबंध में क्या दान नहीं करना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जन्मकुंडली में जो ग्रह उच्च राशि या अपनी स्वयं की राशि में स्थित हो, उनसे संबंधित वस्तुओं का दान भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ऐसा दान हमेशा हानि ही देता है।

- गुड़, आटा, गेहूं, तांबा: सूर्य मेष राशि में होने पर उच्च का तथा सिंह राशि में होने पर स्वराशि का होता है। यदि किसी जातक की कुंडली में सूर्य इन्हीं दो राशियों में से किसी एक में हो तो उसे लाल या गुलाबी रंग के पदार्थों का दान नहीं करना चाहिए। इसके अलावा गुड़, आटा, गेहूं, तांबा आदि दान नहीं करना चाहिए। सूर्य की ऐसी स्थिति में ऐसे जातक को नमक कम करके, मीठे का सेवन अधिक करना चाहिए।
- दूध, चावल एवं आभूषणों में चांदी एवं मोती:चंद्र वृषभ राशि में उच्च तथा कर्क राशि में अपनी राशि का होता है। यदि किसी जातक की जन्मकुंडली में चंद्र ग्रह ऐसी स्थिति में हो तो, उसे खाद्य पदार्थों में दूध, चावल एवं आभूषणों में चांदी एवं मोती का दान नहीं करना चाहिए।
- मीठे खाद्य पदार्थ: मंगल मेष या वृश्चिक राशि में हो तो स्वराशि का तथा मकर राशि में होने पर उच्च का होता है। यदि किसी की कुंडली में मंगल ग्रह ऐसी स्थिति में है तो, मसूर की दाल, मिष्ठान अथवा अन्य किसी मीठे खाद्य पदार्थ का दान ना करें।
- हरे रंग के पदार्थ : बुध मिथुन राशि में हो तो स्वराशि तथा कन्या राशि में हो तो उच्च राशि का कहलाता है। यदि किसी जातक की जन्मपत्रिका में बुध उपरोक्त वर्णित किसी स्थिति में है तो, उसे हरे रंग के पदार्थ और वस्तुओं का दान कभी नहीं करना चाहिए।
- पीले रंग के पदार्थ: बृहस्पति जब धनु या मीन राशि में हो तो स्वगृही तथा कर्क राशि में होने पर उच्चता को प्राप्त होता है। जिस जातक की कुंडली में बृहस्पति ग्रह ऐसी स्थिति में हो तो, उसे पीले रंग के पदार्थों जैसे कपड़े, अनाज आदि का दान नहीं करना चाहिए।
- सफेद रंग के सुगंधित पदार्थों का दान: शुक्र ग्रह वृषभ या तुला राशि में हो स्वराशि का एवं मीन राशि में हो तो उच्च का होता है। जिस जातक की कुंडली में शुक्र ग्रह की ऐसी स्थिति हो, तो उसे सफेद रंग के सुगंधित पदार्थों का दान नहीं करना चाहिए अन्यथा व्यक्ति के भौतिक सुखों में कमी आने लगती है।
- काले रंग के पदार्थ: शनि यदि मकर या कुंभ राशि में हो तो स्वगृही तथा तुला राशि में हो तो उच्च राशि का कहलाता है। यदि आपकी कुंडली में शनि की ऐसी स्थिति है तो आपको काले रंग के पदार्थों का दान कभी भूलकर भी नहीं करना चाहिए। इ
- नीले रंग के पदार्थ: राहु यदि कन्या राशि में हो तो स्वराशि का तथा वृष एवं मिथुन राशि में हो तो उच्च का होता है। जिस जातक की कुंडली में इसमें से किसी भी एक स्थिति का योग बने, तो ऐसे जातक को नीले, भूरे रंग के पदार्थों का दान नहीं करना चाहिए।
- भूरे रंग के पदार्थ: केतु यदि मीन राशि में हो या फिर धनु राशि में हो तो उच्च का होता है। यदि आपकी कुंडली में केतु उपरोक्त स्थिति में है तो आपको घर में कभी पक्षी नहीं पालना चाहिए, अन्यथा धन व्यर्थ के कामों में बर्बाद होता रहेगा। इसके अलावा भूरे, चित्र-विचित्र रंग के वस्त्र, कम्बल, तिल या तिल से निर्मित पदार्थ आदि का दान नहीं करना चाहिए।
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