Buddh ka Gochar: बुध हुए अस्त, बचकर रहें ये राशिवाले वरना होगा नुकसान
Buddh ka Gochar: बुध को व्यापार वाणिज्य, वाणी और बौद्धिक चतुराई का ग्रह कहा जाता है। बुध जब शुभ अवस्था में और बलवान होता है तो यह व्यापार व्यवसाय में अतुलनीय लाभ देता है किंतु जब कमजोर हो, अस्त हो तो इन्हीं कामों में अपेक्षानुरूप फल नहीं मिलते हैं।
बुध 3 जून को वृषभ राशि में गोचर करते हुए पूर्व दिशा में अस्त हो गया है और अब यह 25 जून को उदय होगा।बुध के अस्त रहने के 23 दिन तक ज्योतिषीय सलाह यह दी जाती है कि अपने व्यापार वाणिज्य से जुड़े कामों को संभलकर करें।

व्यापार से जुड़े कामों को सोच-समझकर करें और उनमें विस्तार देने के बारे में तभी सोचें जब आप उसकी सफलता को लेकर निश्चिंत हो जाएं।
इस दौरान साझेदारी में भी कोई काम प्रारंभ करना ठीक नहीं है। जो काम पहले से चल रहे हैं उन्हें वैसे ही चलने दें तो बेहतर रहेगा।
बुध 3 जून को प्रात: 7 बजकर 32 मिनट पर वृषभ राशि में रहते हुए पूर्व दिशा में अस्त हुआ है और यह 25 जून को रात्रि में 1 बजकर 14 मिनट पर पश्चिम में मिथुन राशि में उदय होगा। इन 23 दिनों के दौरान बुध अपनी राशि भी वृषभ से बदलकर मिथुन में प्रवेश कर जाएगा। इसलिए इस दौरान सभी जातकों को व्यापार से जुड़े निर्णय अत्यंत सावधानी से लेने होंगे।
राशियों पर प्रभाव
बुध के अस्त होने के दौरान सभी राशि के जातकों को कोई भी निर्णय सोच समझकर लेने हैं। जल्दबाजी में कोई काम न करें। अस्त बुध का असर वाणी पर भी होता है इसलिए किसी को बुरा न बोलें, पीठ पीछे किसी की बुराई न करें वरना मूल बात बदले स्वरूप में पहुंचकर आपको ही नुकसान पहुंचाएगी। वाणिज्यिक कार्य के लिए थोड़ा रूक जाए। फिलहाल जो जैसा चल रहा है वैसा ही चलने दें। यह बात सभी राशि के जातकों को ध्यान में रखनी होगी।
क्या करें उपाय
बुध अस्त के दौरान किसी संकट से बचने के लिए अपने घर में गणेशजी की हरे रंग की मिट्टी की मूर्ति स्थापित करें और इसका नित्य पूजन सिंदूर और दूर्वा से करें। 23 दिन बाद जब बुध उदय हो उस समय इस मूर्ति को जल में विसर्जित कर दें। इन 23 दिनों के भीतर कोई संकट आपको छू नहीं सकेगा।












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