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रवि पुष्य नक्षत्र का शुभ संयोग, धन समृद्धि के लिए करें ये काम

नई दिल्ली। नक्षत्रों में सर्वश्रेष्ठ माना जाने वाला नक्षत्र पुष्य 17 फरवरी को आ रहा है। पुष्य नक्षत्र अपने आप में सबसे अच्छा नक्षत्र होता है और जब इसके साथ गुरुवार या रविवार का संयोग बन जाता है तो यह गुरु पुष्य और रवि पुष्य के नाम से जाना जाता है। गुरुवार और रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र आने से यह दिन सर्वसिद्धिदायक दिन बन जाता है। इस दिन किए गए कार्यों में सफल होने में कोई संदेह नहीं रह जाता है। इस दिन खरीदी करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन नवीन भवन का भूमि पूजन, दुकान खोलना जैसे सभी कार्य किए जा सकते हैं। 17 फरवरी को पुष्य नक्षत्र सायं 4.46 बजे से प्रारंभ होकर 18 फरवरी को दोपहर 2.01 बजे तक रहेगा। इस तरह पुष्य नक्षत्र का लाभ दो दिन मिलेगा लेकिन दूसरे दिन सोमवार होने से यह सामान्य नक्षत्र की तरह ही फल देगा। रविवार को प्रदोष व्रत भी है इसलिए यह दिन और भी खास बन गा है। आइए जानते हैं पुष्य नक्षत्र के दिन क्या-क्या कार्य करना चाहिए।

लक्ष्मी की पूजा से होगा लाभ

लक्ष्मी की पूजा से होगा लाभ

- यदि आप धन प्राप्ति के उपाय करना चाहते हैं तो रवि पुष्य नक्षत्र का दिन इसके लिए सबसे श्रेष्ठ होता है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करें। पूजा में चांदी का एक सिक्का रखें और इसका पूजन करें। मां लक्ष्मी के मंत्र ओम महालक्ष्म्यै नमः की एक माला कमल गट्टे की माला से जाप करें। इस सिक्के को अपने घर का दुकान की तिजोरी में रखने से धन लाभ होता है।
- रवि पुष्य नक्षत्र के दिन मोती शंख में जल भरकर लक्ष्मी माता की मूर्ति के पास रातभर रखा रहने दें। अगले दिन इस जल को पूरे घर में छिड़कें और बचा हुआ जल तुलसी के पौधे में अर्पित कर दें। इससे घर में कभी अन्न आदि खानपान की चीजों की कमी नहीं होती।
- रवि पुष्य नक्षत्र के दिन स्वर्ण खरीदने का बड़ा महत्व है। यह अत्यंत शुभ होता है और इससे घर में समृद्धि आती है। इस दिन नई जमीन, मकान खरीदना, वाहन खरीदना भी शुभ होता है।

नहीं आएगी विवाह में बाधा

नहीं आएगी विवाह में बाधा

- यदि किसी युवक या युवती के विवाह में बाधा आ रही हो तो रवि पुष्य नक्षत्र से एक दिन पहले केले के पेड़ की जड़ को निमंत्रण दे आएं कि हम आपको कल लेने आएंगे। रवि पुष्य नक्षत्र में पूजन करके केले की जड़ को उखाड़ लाएं। घर लाकर इसे गंगाजल, फिर कच्चे दूध और फिर गंगाजल से धोकर हल्दी से पूजन करें और पीले कपड़े में बांधकर अपनी दाहिनी भुजा में बांध लें या चांदी के ताबीज में भरकर गले में पहन लें। इससे विवाह का मार्ग खुलता है।

- रवि पुष्य नक्षत्र के दिन मोती शंख या दक्षिणावर्ती शंख को अपनी दुकान या प्रतिष्ठान में स्थापित करने से व्यापार में लाभ होने लगता है।
- रवि पुष्य नक्षत्र में श्रीयंत्र की स्थापना करना अत्यंत शुभ होता है। इस दिन शुभ मुहूर्त में श्रीयंत्र लाकर घर में स्थापित करने से सुख-समृद्धि, आयु और आरोग्य प्राप्त होता है।

दूर होंगे रोगी के रोग

दूर होंगे रोगी के रोग

- यदि परिवार में कोई सदस्य लगातार बीमार चलता रहता हो तो रवि-पुष्य के दिन चांदी के लोटे में जल भरकर रोगी के पलंग के नीचे रातभर रखा रहने दें। सुबह यह जल लेजाकर किसी चौराहे पर चुपचाप डाल आएं। वापस आते समय पीछे मुड़कर ना दें। ना ही किसी से बात करें।
- रवि पुष्य के साथ प्रदोष का संयोग भी है। इसलिए भगवान शिव की प्रसन्नता के लिए इस दिन पंचामृत से उनका अभिषेक करें। सभी कार्यों में विजय और सफलता प्राप्त होगी।

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