बिहार के रण में लालू यादव के सिपाहियों का रहेगा औसत प्रदर्शन

अपने मस्‍तमौला और देहाती अंदाज से लोगों को लुभाने वाले बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री (1990 से 1997 तक) इन दिनों बिहार की सत्‍ता को हासिल करने के लिए अपना पूरा जोर लगा रहे हैं। केन्‍द्र में लालू की धाक होने के बावजूद भी आरजेडी की हालत बिहार में खासी अच्‍छी नहीं थी, जिसकी वजह से राज्‍य में सभी दलों के बीच एक भव्‍य गठबंधन किया गया और भाजपा को टक्‍कर देने की पुरजोर कोशिश की जाने लगी। दरअसल यह प्रयास, मोदी इम्‍पैक्‍ट को निष्‍प्रभावित करने के लिए ज्‍यादा किए जा रहे हैं; क्‍योंकि सभी अन्‍य पार्टियों को डर है कि कहीं दूसरे राज्‍यों की तरह यहां की जनता भी भाजपा को सत्‍ता में न ला दें।

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1996 में हुए चारे घोटाले में लालू प्रसाद यादव की संलिप्‍तता पाई गई, जिसके बाद उनकी छवि पर काफी नकारात्‍मक प्रभाव पड़ा, इस बार होने वाले चुनावों में भी ये घोटाला सबकुछ चौपट कर सकता है। उनके शासनकाल में राज्‍य में काफी अराजकता रही और हाल ही में मुलायम सिंह के साथ अलगाव के कारण भी उनकी स्थिति डांवाडोल हो गई। ये बातें लालू प्रसाद की वर्तमान हालत के बारे में थी, लेकिन उनके ग्रह-नक्षत्र भी इन दिनों बुरी स्थिति में बैठे हुए हैं। जिसके कारण उनका राज्‍य के विधानसभा चुनावों में औसत प्रदर्शन होने का अंदाजा लगाया जा रहा है।

आइए जानते हैं लालू के ग्रहों की स्थिति:

चंद्रमा की स्थिति

लालू यादव की जन्‍मपत्री (अपुष्‍ट जन्‍म विवरण के आधार पर बनी) के अनुसार, कर्क का उदय (लग्‍न में) हुआ। मजबूत लग्‍न वाले चंद्र की स्थिति, वरिष्‍ठ राजनीतिज्ञ चार्ट में लग्‍न में शनि के 7वें घर में विराजमान है। यहीं कारण है कि बिहार की जनता के बीच लालू इन दिनों सुर्खियों में छाएं हुए हैं।

लालू जी, रहस्‍यमयी चंद्र के द्वारा शासित हैं और इस प्रकार, वह हमेशा विवादों में छाएं रहते हैं। वह दयालु और ख्‍याल रखने वाले हैं, फिर भी वह अपने उखड़ने वाले मूड और कटु टिप्‍पणियों के कारण टीवी न्‍यूज चैनलों के लिए फूड बने रहते हैं। चंद्र की स्थिति को देखते हुए, वह अपनी सत्‍ता को लेकर काफी चिंतित रहेंगे और इस वजह से बिना सोचे-समझे बयाजबाजी कर सकते हैं। ऐसे में समय में बहुत गहराई से सोचेंगे और अपने अंदर कोमलता व संवेदनशीलता को जन्‍म देंगे।

लालू जी की कुंडली में राहु, 10वें स्‍थान पर और योगकर्क मंगल, दूसरे स्‍थान पर है, जो कि लालू जी की मजबूत स्थिति को दर्शाता है। लेकिन इस कुंडली के हिसाब से आने वाले समय में उनका राजयोग लिखा है। आइए जानते हैं उनकी राजयोग की स्थिति क्‍या है।

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राजयोग

लालू की कुंडली में गुरू, 5 वें स्‍थान पर है। यह बड़े परिवार को दर्शाता है। इसके कारण, उनकी कुंडली में राजयोग दिखता है, वह अपने राजनीतिक करियर में काफी अच्‍छे नेता रहें और इसके हिसाब से आगे भी उनकी बढ़त हो सकती है।

सत्‍तारूढ़ ग्रहों की स्थिति

वर्तमान समय में लालू प्रसाद यादव पर मंगल की महादशा लगी हुई है और शुक्र भुक्ति का प्रभाव चल रहा है। योगकर्क की मजबूत स्थिति उन्‍हे बिहार में अच्‍छी स्थिति में ला देगी। लालू ने इन चुनावों में पारम्‍परिक मतदाताओं को लुभाने की कड़ी कोशिश की है। उनके कुशल नेतृत्‍व ने लोगों में एक विश्‍वास को ला दिया है लेकिन पढ़ा-लिखा वर्ग इससे परे है क्‍योंकि उसके दिमाग में भ्रष्‍ट नेता की छवि कभी अच्‍छी नहीं हो पाती है।
चूंकि शुक्र, राहू के स्‍थान पर आ गया है और 12वें स्‍थान पर बैठ गया है- जो कि नुकसान पहुंचाने का संकेत है। इसके कारण, लालू को राजनीतिक करियर में धक्‍का लग सकता है।

निष्‍कर्ष- ग्रहों के हेर-फेर में लालू की हालत बहुत उलझी हुई है, सत्‍ता एकदम से उनके हाथों में नहीं दिखाई दे रही है लेकिन उनकी स्थिति खराब भी नहीं होगी। विधानसभा चुनावों में उनकी अपनी जीत होगी लेकिन पार्टी बहुत मजबूत स्थिति में नहीं रहेगी, लेकिन महागठबंधन के कारण काफी लाभ मिल सकता है।

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