कुंडली भी कहती है कि राहुल नहीं बन पायेंगे पीएम
लोकसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। सारी पार्टियां साम-दाम-दंड-भेद से पार्टी के प्रचार में जुट गयी हैं। जहां बीजेपी के पीएम इन वेटिंग वेटिंग नरेन्द्र मोदी के सहारे भाजपा एक बार फिर से सत्ता हासिल करने के फिराक में है वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी के कंधों पर कांग्रेस की कमान है। सर्वे रिपोर्ट और चार राज्यों के विधानसभा चुनावी नतीजों तो राहुल गांधी को अब तक नाकाम ही साबित किये हैं, बावजूद इसके कांग्रेस को अभी भी पूरा भरोसा है कि वह राहुल की अगुवाई में जरूर लोकसभा चुनाव का किला फतेह करेंगे।
लेकिन पंडितों के मुताबिक कांग्रेस का सत्ता में वापस आना मुश्किल ही दिख रहा है और अगर वो जोड़-तोड़ करके सत्ता में आ भी जाती है फिर भी राहुल गांधी का पीएम बनना काफी मुश्किल है।
आईये एक नजर डालते हैं कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की कुंडली पर..
1. राहुल गाँधी का जन्म 19 जून, 1970 को प्रातः 5.50 पर दिल्ली में मिथुन लग्न में हुआ है। राहुल का जन्म वृषभ लग्न, वृश्चिक राशि एवं मेष नवांश में हुआ। वृश्चिक राशि वाले उत्तम कदकाठी के हष्ट-पुष्ठ होते हैं।
2. राहुल की कुंडली में लग्न में सूर्य और मंगल, द्वितीय भाव में शुक्र, तृतीय एवं भाग्य भाव में केतु और राहु, पंचम में गुरु, एकादश में नीच के शनि, षष्ट भाव में नीच का चंद्र और द्वादश भाव में बुध है। वृषभ लग्न वृश्चिक राशि मेष नवांश में हुआ। वृश्चिक राशि वाले उत्तम कदकाठी के हष्ट-पुष्ठ होते हैं। लेकिन इतनी उम्र हो जाने के बाद भी राहुल गांधी को को दांपत्य सुख नहीं मिला। इसका एक कारण सप्तम भाव के स्वामी मंगल पर शनि की दृष्टि पड़ रही है।
3. शनि भाग्य व दशम भाव का स्वामी होने के बावजूद दाम्पत्य सुख से अभी तक वंचित रखा और आगे भी अभी विवाह के योग नहीं है।
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स्वास्थ्य सही रहेगा..
राहत की बात यह है की शनि का गोचर भ्रमण उच्च का होकर षष्ट भाव से भ्रमण कर रहा है। इस कारण शत्रुओं पर (राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों) पर प्रभाव बना रहेगा। अन्य मामलों यह वर्ष उत्तम रहेगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से भी समय ठीक ही कहा जा सकता है।

वाणी का प्रभाव रहेगा...
अभी एकादश लाभ भाव का स्वामी गुरु जो अष्टमेश होकर द्वितीय भाव से भ्रमण कर रहा है, यह आपकी वाणी को प्रभावी बनाएगा। द्वितीय भाव में जन्म के समय सूर्य व मंगल भी है। इस प्रकार गुरु को बल मिलेगा।

पार्टी को मजबूत बनायेंगे
अभी आपको पराक्रम भाव तृतीय चन्द्र की महादशा में अंतर भाग्य व राज्य भाव का अंतर चल रहा है, यह लाभदायक रह सकता है। आगामी चार राज्यों के चुनाव होने जा रहे हैं। यदि आपने अपनी नीतियों को जनहित के लिए चुना तो आप इस वर्ष लाभ पा सकते है। आने वाले समय में ग्रहों के उत्तम योग के कारण राहुल कांग्रेस पार्टी को सशक्त एवं सफल नेतृत्व प्रदान करेंगे।

काफी उतार-चढ़ाव आयेंगे...
फरवरी 2008 से 2018 तक उनकी कुंडली में चन्द्रमा की महादशा चल रही है। लेकिन चन्द्रमा मारकेश भी है। चन्द्रमा की महादशा में 2017 तक काफी उतार-चढ़ाव रहेंगे क्योंकि चन्द्रमा नीच राशि का होकर छठे भाव में बैठा हुआ है।

पीएम बनना मुश्किल
प्रधानमंत्री बनना अभी तय नहीं है लेकिन साम दाम दंड भेद की राजनीति से वे वर्ष 2014 में पारंगत हो जाएंगे। यह भी जरूरी नहीं है कि आम चुनाव में राहुल गांधी का कोई विशेष जादू चल पाएगा। हां, जहां जाएंगे वहां भीड़ इकट्ठी होती रहेगी और लोग उनकी सभाओं में धीरे-धीरे आक्रोश के स्वर भी उठाते रहेंगे। लेकिन जनता उन्हें पीएम बनने के लिए वोट करेगी यह काफी मुश्किल दिख रहा है।












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