IPL Ticket Scam Busted: कौन है वो 4 शातिर? ChatGPT से बनाईं जाली टिकटें, Lucknow में दबोचे गए
IPL Ticket Scam Busted: उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक अंतर-राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया, जिसने ChatGPT और ग्राफिक डिजाइन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर नकली IPL टिकट बनाए और एकाना स्टेडियम के बाहर क्रिकेट फैंस को ठगा। चार आरोपियों को 7 मई की शाम सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र के डोडनखेड़ा चौराहे पर लखनऊ साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया।
ये चारों छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के रहने वाले हैं। गिरोह ने सोशल मीडिया से असली IPL टिकटों की तस्वीरें चुराईं, फिर CorelDRAW से उन्हें एडिट किया और ChatGPT से टिकट के साइज, कागज की क्वालिटी (170-GSM) और बारकोड मैचिंग की डिटेल्स लीं। नतीजा? नकली टिकट असली से हूबहू मिलते-जुलते। फैंस ने 1000 रुपये तक प्रति टिकट चुकाए, लेकिन स्टेडियम में एंट्री नहीं मिली।

यह मामला सिर्फ एक ठगी नहीं, बल्कि AI टूल्स का अपराध में इस्तेमाल का नया केस है। आइए समझते हैं - गिरोह कैसे काम करता था, ChatGPT ने कैसे मदद की, शिकायत कैसे आई, क्या-क्या बरामद हुआ और आगे क्या होगा...
गिरोह का मॉडस ऑपरेंडी: AI + डिजाइन सॉफ्टवेयर = परफेक्ट फेक टिकट
पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने बहुत सोची-समझी प्लानिंग की थी:
- स्टेप 1: सोशल मीडिया (X, Instagram, Facebook) से असली IPL टिकटों की हाई-क्वालिटी तस्वीरें डाउनलोड कीं।
- स्टेप 2: CorelDRAW सॉफ्टवेयर में उन्हें एडिट किया - लोगो, बारकोड, QR कोड, सीट नंबर सब मैच कराया।
- स्टेप 3: ChatGPT से पूछा - 'IPL टिकट का साइज कितना होता है? 170-GSM पेपर पर प्रिंट करने से कैसी क्वालिटी आएगी? असली टिकट से मैच करने के लिए क्या-क्या जरूरी है?' AI ने डिटेल्ड जवाब दिया, जिससे नकली टिकट बिल्कुल असली लगें।
- स्टेप 4: 170-GSM कागज की शीटों पर प्रिंट। फिर पेपर कटर से काटा।
- स्टेप 5: एकाना स्टेडियम के बाहर फैंस को 'लास्ट मिनट डील' के नाम पर बेचा। पेमेंट UPI से लिया, जो सीधा मुख्य आरोपी के अकाउंट में जाता था।
अतिरिक्त डीसीपी (दक्षिण लखनऊ) राल्लापल्ली वसंत कुमार ने बताया,'गिरोह ने टेक्नोलॉजी का पूरा फायदा उठाया। ChatGPT ने उन्हें टेक्निकल डिटेल्स दीं, जिससे टिकटों की क्वालिटी पहले से बेहतर हो गई।'
आरोपियों की पहचान और रोल
- श्रीकांत बोरकर (30) - गिरोह का लीडर, UPI पेमेंट और अकाउंट मैनेजमेंट।
- नूतन कुमार साहू (28) - बिक्री और फील्ड ऑपरेशन।
- राजेंद्र चौधरी (29) - लॉजिस्टिक्स और होटल बुकिंग।
- विश्वजीत साहू (22) - 2D/3D डिजाइनर, CorelDRAW और एडिटिंग का मुख्य काम।
सभी दुर्ग (छत्तीसगढ़) के रहने वाले। विश्वजीत युवा डिजाइनर था, जो पहले 2D/3D काम करता था।
कैसे पकड़ा गया? शिकायतकर्ता प्रदीप सिंह की कहानी
मामला तब सामने आया जब जालौन जिले के रहने वाले प्रदीप सिंह ने एकाना स्टेडियम के बाहर से दो टिकट 1000 रुपये में खरीदे। UPI से पेमेंट किया। लेकिन गेट पर पहुंचे तो स्टाफ ने बताया 'टिकट नकली हैं।'
प्रदीप ने तुरंत सुशांत गोल्फ सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने साइबर सेल को अलर्ट किया। गुरुवार शाम डोडनखेड़ा चौराहे पर छापा मारा गया। चारों आरोपी मौके पर पकड़े गए।
गिरोह का सफर: रायपुर से दिल्ली, फिर लखनऊ
- रायपुर में शुरुआत: आरोपियों ने पहले रायपुर मैच में ब्लैक मार्केट से असली टिकट खरीदे और स्टेडियम में घुस गए। इसी सफलता से प्रेरित होकर नकली टिकट बनाने का प्लान बनाया।
- दिल्ली में फेल: 4 मई को Ritz कार से दिल्ली गए। अरुण जेटली स्टेडियम के बाहर टिकट बेचने की कोशिश की, लेकिन क्वालिटी और बारकोड मैचिंग खराब होने से कोई नहीं खरीदा।
- लखनऊ में सक्सेस: टिकट डिजाइन सुधारकर 6 मई को लखनऊ पहुंचे। होटल में रुके और 7 मई से एकाना के बाहर बिक्री शुरू की।
पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?
- 15 तैयार नकली IPL टिकट
- 170-GSM पेपर पर प्रिंट किए 14 और नकली टिकट
- खाली 170-GSM पेपर शीट्स
- 4 मोबाइल फोन
- 1 ASUS लैपटॉप (CorelDRAW और ChatGPT चैट हिस्ट्री समेत)
- पेपर कटर
- ATM कार्ड, बैंक दस्तावेज
- Ritz कार (गिरोह की गाड़ी)
क्यों मायने रखता है यह केस? AI अपराध का नया ट्रेंड
यह पहला मामला नहीं है जहां ChatGPT जैसे AI टूल अपराध में इस्तेमाल हो रहे हैं, लेकिन IPL टिकट घोटाले में इसका इस्तेमाल सबूत के तौर पर पहली बार सामने आया है। पुलिस अब आरोपी के लैपटॉप से ChatGPT चैट हिस्ट्री निकाल रही है, जो कोर्ट में मजबूत सबूत बनेगा।
लखनऊ पुलिस कमिश्नर ने कहा, 'हम साइबर क्राइम पर नजर रख रहे हैं। IPL जैसे बड़े इवेंट्स में ऐसे गिरोह सक्रिय होते हैं। फैंस से अपील - टिकट सिर्फ आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से खरीदें।'













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