Bengal: कौन हैं अशोक कीर्तनिया? CM सुवेंदु के मंत्रिमंडल में मिली जगह, चर्चा में करोड़ों का साम्राज्य और मुकदमे
Who Is Matua leader Ashok Kirtania: पश्चिम बंगाल की राजनीति में 9 मई 2026 की तारीख स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई है। दशकों के इंतजार के बाद बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार का सूर्योदय हुआ है। कोलकाता का ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड उस समय जय श्री राम के नारों से गूंज उठा, जब सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस नई सरकार में मतुआ समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले और बोंगांव उत्तर के कद्दावर विधायक अशोक कीर्तनिया ने भी मंत्री पद की शपथ लेकर अपनी नई पारी की शुरुआत की है। आइए जानतें हैं कौन हैं अशोक कीर्तनिया, जिन्हें नई सरकार में मिली है बड़ी जिम्मेदारी?
अशोक कीर्तनिया केवल एक विधायक नहीं, बल्कि उत्तर 24 परगना जिले के मतुआ बहुल इलाकों में भाजपा के सबसे भरोसेमंद योद्धा माने जाते हैं। 52 वर्षीय कीर्तनिया ग्रेजुएट हैं और एक सफल राजनेता के साथ-साथ व्यवसायी भी हैं।

Ashok Kirtania: लगातार दूसरी बार दर्ज की रिकॉर्ड जीत
- जीत का रिकॉर्ड: मई 2021 में वे पहली बार विधायक चुने गए थे। तब उन्होंने टीएमसी के श्यामल रॉय को करीब 10,488 वोटों से हराया था।
- 2026 में ऐतिहासिक जीत: इस बार के विधानसभा चुनाव में अशोक कीर्तनिया ने अपनी लोकप्रियता साबित करते हुए बोंगांव उत्तर सीट पर टीएमसी के बिस्वजीत दास को 40,670 वोटों के भारी अंतर से पटखनी दी। उन्हें कुल वोटों का 56.46 प्रतिशत (1,19,317 वोट) प्राप्त हुआ, जो उनके प्रति जनता के अटूट विश्वास को दर्शाता है।
चुनौतियों के बीच मतुआ समाज की बने आवाज
बंगाल चुनाव 2026 के दौरान मतुआ बहुल इलाकों में 'मतदाता सूची से नाम हटने' (SIR प्रक्रिया) को लेकर बड़ा संकट खड़ा हुआ था। ठाकुरनगर जैसे केंद्रों पर नागरिकता की उम्मीद लगाए बैठे परिवारों में डर का माहौल था। ऐसे कठिन समय में अशोक कीर्तनिया और बीजेपी के अन्य नेताओं ने न केवल समुदाय का ढांढस बंधाया, बल्कि यह सुनिश्चित किया कि मतुआ समाज का वोट बैंक भाजपा के पक्ष में मजबूती से खड़ा रहे। 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 207 सीटें दिलाने में मतुआ समुदाय का (लगभग 45-50 सीटों पर प्रभाव) बहुत बड़ा योगदान रहा है।
अशोक कीर्तनिया की प्रोफाइल: (Ashok Kirtania Profile)
अशोक कीर्तनिया पश्चिम बंगाल की बांगांव उत्तर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और विधायक हैं। 52 वर्षीय कीर्तनिया ने अपनी शिक्षा स्नातक (Graduate) तक पूरी की है और वे पेशे से एक राजनीतिज्ञ व व्यवसायी हैं। मतुआ समुदाय से आने वाले कीर्तनिया इस समाज के एक मजबूत स्तंभ माने जाते हैं। हालांकि, उनके खिलाफ वर्तमान में तीन आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।
अशोक कीर्तनिया की संपत्ति (Ashok Kirtania Net worth)
साल 2026 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, अशोक कीर्तनिया की कुल संपत्ति लगभग 4 करोड़ रुपये है। उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा चल संपत्ति (Movable Assets) के रूप में है, जिसकी कीमत करीब 2.7 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा उनके पास 1.4 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति (Immovable Assets) भी है। कीर्तनिया की स्वयं की आय लगभग 61.8 लाख रुपये है, जबकि उनकी कुल पारिवारिक आय 68.9 लाख रुपये दर्ज की गई है। उन पर वर्तमान में करीब 10 लाख रुपये की देनदारियां (Liabilities) यानी कर्ज भी है।














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