Suvendu Adhikari Net Worth: बंगाल के CM शुभेंदु के पास कितना पैसा? न सोना,न कार, बैंक बैलेंस करेगा हैरान!
Suvendu Adhikari Net Worth 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक नया सूरज उगा है। शुभेंदु अधिकारी सूबे के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर इतिहास रचने जा रहे हैं। ममता बनर्जी को उनके ही गढ़ भवानीपुर में मात देने वाले शुभेंदु अब बंगाल में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बनकर सत्ता की कमान संभालेंगे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बंगाल जैसे बड़े राज्य की बागडोर संभालने वाले इस कद्दावर नेता की निजी जिंदगी और उनकी संपत्ति कितनी है? जब आप उनके बैंक बैलेंस और निवेश के बारे में जानेंगे, तो शायद आपको यकीन करना मुश्किल हो जाए।
एक अनुभवी राजनेता होने के नाते शुभेंदु का कद जितना बड़ा है, उनका चुनावी हलफनामा उतनी ही सादगी भरी तस्वीर पेश करता है। आइए, गहराई से समझते हैं कि नए मुख्यमंत्री के पास कितनी जमीन, कैश और बैंक बैलेंस है।

कुल कितनी है शुभेंदु अधिकारी की दौलत? (Net Worth of Suvendu Adhikari?)
2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग को जो हलफनामा सौंपा, वह उनके वित्तीय पक्ष की एक दिलचस्प झलक पेश करता है। आंकड़ों की मानें तो शुभेंदु की कुल संपत्ति 85 से 86 लाख रुपये के बीच है। एक मुख्यमंत्री के तौर पर यह आंकड़ा कई लोगों को चौंका सकता है।
उनकी चल संपत्ति (Cash and Savings) की बात करें तो यह करीब 20 से 25 लाख रुपये के आसपास है। इसमें उनके बैंक खाते, बीमा पॉलिसी और छोटे-मोटे निवेश शामिल हैं। सबसे राहत की बात यह है कि शुभेंदु पर किसी भी तरह का कोई कर्ज या उधारी नहीं है। यानी वह पूरी तरह 'डेट फ्री' नेता हैं।
जेब में सिर्फ 12 हजार और न कोई लग्जरी कार
आज के दौर में जहां छोटे-छोटे नेताओं के पास लग्जरी कारों का काफिला होता है, वहीं बंगाल के नए मुख्यमंत्री के पास अपनी कोई निजी कार नहीं है। हलफनामे के मुताबिक, उनके पास एक भी वाहन पंजीकृत नहीं है।
इतना ही नहीं, हाथ में नकद (Cash) के नाम पर उनके पास चुनाव के समय मात्र 12,000 रुपये थे। यह सुनना थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन बीजेपी के इस कद्दावर नेता ने अपनी जीवनशैली को काफी हद तक सादा रखा है।
सोने-चांदी से परहेज और बैंक में जमा पूंजी
भारतीय राजनीति और शादियों में सोने का बड़ा महत्व है, लेकिन शुभेंदु अधिकारी इस मामले में बिल्कुल अलग हैं। उनके पास एक ग्राम भी सोना या कोई अन्य आभूषण नहीं है। उन्होंने गहनों के बजाय बचत योजनाओं पर ज्यादा भरोसा जताया है।
उनके बैंक खातों (SBI, PNB और IDBI) में करीब 7 लाख रुपये जमा हैं। इसके अलावा, उन्होंने अपनी बचत को सुरक्षित रखने के लिए सरकारी योजनाओं का सहारा लिया है:
- पोस्टल सेविंग अकाउंट: 60,000 रुपये।
- किसान विकास पत्र (KVP): 2.60 लाख रुपये।
- NSC सर्टिफिकेट: करीब 5 लाख रुपये।
- शेयर और बॉन्ड्स: मात्र 14,000 रुपये का छोटा निवेश।
अचल संपत्ति: कितने घर और कितनी जमीन? (Suvendu Adhikari Immovable Assets)
शुभेंदु अधिकारी के पास करीब 60 लाख रुपये से ज्यादा की अचल संपत्ति है। इसमें खेती और गैर-खेती की जमीन शामिल है। उनके पास 9 लाख रुपये की कृषि भूमि और लगभग 27 लाख रुपये की गैर-कृषि भूमि है।
आवास की बात करें तो उनके नाम पर तीन घर या फ्लैट्स दर्ज हैं। चुनावी दस्तावेज बताते हैं कि इन घरों की कुल कीमत लगभग 25 लाख रुपये के आसपास है। गौर करने वाली बात यह है कि उनके पास कोई भी कमर्शियल प्रॉपर्टी (दुकान या शोरूम) नहीं है।
बीते सालों में कैसे बदली कमाई की रफ्तार?
भले ही उनकी कुल संपत्ति 2021 के मुकाबले (जब यह करीब 1.10 करोड़ थी) थोड़ी कम नजर आती हो, लेकिन उनकी सालाना कमाई में इजाफा हुआ है। साल 2020-21 में उनकी सालाना आय लगभग 8 लाख रुपये थी, जो अब बढ़कर 17 लाख रुपये सालाना से अधिक हो गई है। यह उनकी प्रोफेशनल ग्रोथ और राजनीतिक सक्रियता का परिणाम माना जा सकता है।
परिवार में कौन-कौन है और कैसा है बैकग्राउंड? (Suvendu Adhikari Family Background)
शुभेंदु अधिकारी का परिवार बंगाल की राजनीति में एक 'पावर हाउस' माना जाता है। उनके पिता शिशिर अधिकारी तीन बार सांसद रह चुके हैं और क्षेत्र के बड़े कद्दावर नेता हैं। शुभेंदु के दो भाई हैं- सौमेंदु और दिव्येंदु। सौमेंदु अधिकारी भी बीजेपी के साथ जुड़े हुए हैं। दिव्येंदु अधिकारी टीएमसी की तरफ से सांसद रह चुके हैं।
निजी जीवन की बात करें तो शुभेंदु अधिकारी अविवाहित हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन राजनीति और समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया है। सादगी पसंद शुभेंदु अब मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठकर बंगाल की किस्मत बदलने का दावा कर रहे हैं।
सादगी और रणनीति का मेल
शुभेंदु अधिकारी की नेटवर्थ यह साफ करती है कि वे एक ऐसे नेता हैं जो कागजों पर बहुत रईस नहीं दिखते, लेकिन राजनीतिक जमीन पर उनका रसूख किसी भी अरबपति से कहीं ज्यादा है।
बिना कार और बिना सोने के, महज 12 हजार रुपये कैश रखने वाला यह नेता अब बंगाल के करोड़ों लोगों के भविष्य का फैसला करेगा। उनके समर्थकों का मानना है कि उनकी यही सादगी उन्हें आम जनता से जोड़ती है। अब देखना होगा कि बीजेपी के इस पहले मुख्यमंत्री का सफर बंगाल को विकास की किस ऊंचाई पर ले जाता है।












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