मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 'माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव' में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए हरसंभव सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के दो करोड़ से अधिक युवा विकसित भारत-2047 के निर्माण के साथ-साथ प्रदेश की समृद्धि के भी सूत्रधार बनेंगे। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वर्ष 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा और युवाओं के कल्याण, कौशल विकास तथा रोजगार के लिए विशेष पहल की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं की भागीदारी से नई युवा नीति तैयार करेगी। कॉन्क्लेव में युवाओं द्वारा सौंपे गए 'मध्यप्रदेश युवा संकल्प-2026' के मसौदे को नीति निर्माण का आधार बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं की क्षमता, नवाचार, उद्यमिता और नेतृत्व विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है।
डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स को मिलेगा सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स से संवाद किया। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश सरकार सकारात्मक और समाजोपयोगी डिजिटल कार्य करने वाले युवाओं को 'डिजिटल कंटेंट अवॉर्ड' से सम्मानित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का युवा केवल कंटेंट नहीं बना रहा, बल्कि समाज को नई दिशा दे रहा है। सकारात्मक डिजिटल कंटेंट सामाजिक बदलाव का प्रभावी माध्यम बन सकता है। कार्यक्रम में इंदौर, उज्जैन, धार सहित मालवा-निमाड़ क्षेत्र के 200 से अधिक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और इंफ्लुएंसर्स ने भाग लिया।
कौशल विकास और रोजगार पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनाने के लिए काम कर रही है। संत रविदास ग्लोबल स्किल पार्क जैसे संस्थानों के माध्यम से युवाओं को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रोजगार आधारित उद्योग स्थापित करने वाले उद्यमियों को प्रत्येक श्रमिक के वेतन पर 5 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन सहायता दी जा रही है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में होम-स्टे स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता और मेडिकल शिक्षा के लिए आसान शिक्षा ऋण की व्यवस्था भी की गई है।
विकसित मध्यप्रदेश में युवाओं की होगी अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और मध्यप्रदेश भी विकास की इस यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को प्रदेश के विकास अभियान से जोड़कर उन्हें नवाचार, स्टार्टअप, कौशल विकास और उद्यमिता के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि सरकार के फैसले लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। यूपीआई, वित्तीय समावेशन, केन-बेतवा और पीकेसी नदी लिंक परियोजनाओं सहित अनेक विकास कार्य इसका उदाहरण हैं।
युवाओं ने विभिन्न क्षेत्रों पर रखा विजन
कॉन्क्लेव में शिक्षा एवं कौशल विकास, खेल, स्वास्थ्य, एमएसएमई, कृषि, उद्यानिकी, फूड प्रोसेसिंग और सामुदायिक नेतृत्व जैसे विषयों पर युवाओं ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने प्राकृतिक खेती, डिजिटल मार्केटिंग, स्टार्टअप, स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीक और रोजगार सृजन जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली भाबरा के लिए आयोजित बाइक रैली और ओंकारेश्वर के लिए साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने स्वयं बाइक पर बैठकर युवाओं का उत्साह बढ़ाया और हेलमेट पहनकर सड़क सुरक्षा का संदेश दिया।
कॉन्क्लेव में युवाओं द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों की प्रदर्शनी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, लाइव म्यूजिक बैंड, स्टार्टअप एवं नवाचार प्रदर्शनियां और स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अनौपचारिक संवाद किया, उनके स्टार्टअप और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली तथा उनके साथ सेल्फी भी खिंचवाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश का भविष्य उसकी युवा शक्ति के हाथों में है और सरकार हर क्षेत्र में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।