ऐसे ही संकट में रही कृषि, तो हो जायेगी अनाज की किल्लत
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। भले ही हम लाख कहें कि भारत कृषि प्रधान देश है, पर देश भर में कृषि योग्य जमीनों का आकार वर्ष 2001-02 के 10.5 मिलियन हेक्टेयर से कम होकर वर्ष 2011-12 में 10.3 मिलियन हेक्टेयर के स्तर पर आ गया। जाहिर है कि यह अपने आप में चिंता का विषय है। सरकार ने राज्यों को सलाह दी है कि परियोजनाओं में गैर-कृषि इस्तेमाल के लिए कम-से-कम कृषि भूमि का अधिग्रहण करें।

जानकारों ने बताया कि कृषि भूमि का गैर-कृषि कार्यो के लिए बढ़ते उपयोग पर रोक लगाने के लिए केन्द्र की ओर से कई उपाय किये गये हैं। इनमें राष्ट्रीय कृषि नीति, 2007, राष्ट्रीय पुनर्वास एवं पुर्नव्यवस्थापन नीति, 2007 तथा विशेष आर्थिक क्षेत्र के संबंध में नीति इत्यादि प्रमुख हैं। यह बात देखने वाली है कि इन कदमों का कितना असर हुआ।
गैर-कृषि विकास गतिविधियां
राष्ट्रीय किसान नीति 2007 के तहत राज्य सरकारों को यह सलाह दी गई है कि वे कम जैविक संभावनाओं वाली जमीनों जैसे न जोते जा सकने वाली भूमि, खारेपन व अम्लता इत्यादि से प्रभावित भूमि को गैर-कृषि विकास गतिविधियों में इस्तेमाल के लिए अलग रख सकती हैं। इनमें औद्योगिक एवं निर्माण गतिविधियां शामिल हैं। राष्ट्रीय पुनर्वास एवं पुन:स्थापन नीति 2007 के तहत यह सिफारिश की गई है कि जहां तक संभव हो सके परियोजनाओं को बंजर, विकृत या गैर-सिंचित भूमि पर ही स्थापित किया जाय। इस आशय की जानकारी कृषि राज्य मंत्री श्री मोहनभाई कुन्दरिया ने राज्य सभा में दी।
पर कृषि उत्पादन नहीं असर
बता दें कि सरकार ने कुछ साल पहले माना था कि देश में कृषि योग्य भूमि घट रही है। पर उसने यह भी दावा किया था कि इसके बावजूद खाद्यान्न उत्पादन पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ा है।
यूपीए सरकार के दौर कृषि राज्यमंत्री अरुण यादव ने कहा था कि समूचे देश में कृषि योग्य भूमि 2005-06 में 18 करोड़ 27.4 लाख हेक्टेयर थी जो मामूली गिरावट के साथ 2008-09 में 18 करोड़ 23.8 लाख हेक्टेयर रह गई। उन्होंने कहा कि इस गिरावट के बावजूद खाद्यान्नों के उत्पादन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं हुआ है। उन्होंने कहा था कि वर्ष 2005-06 में जो कृषि उत्पादन 20 करोड़ 86 लाख टन था वह 2010-11 में बढ़कर 23 करोड़ 20.7 लाख टन हो गया।
कृषि मामलों के जानकार कहते हैं कि अब सरकार को कानून बनाना चाहिए ताकि कृषि योग्य जमीन का किसी अन्य काम में इस्तेमाल ना हो।












Click it and Unblock the Notifications