कृषि को प्रोत्साहन के लिए विश्वविद्यालय खोलेंगे

कृषि अनुसंधान केंद्र भी
सरकार चालू वित्त वर्ष में 100 करोड़ रूपये की प्रारम्भिक पूंजी से असम और झारखंड में 2 कृषि अनुसंधान की स्थापना करेगी। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आज लोकसभा में अपना बजट पेश करते हुए यह घोषणा की है। वित्त मंत्री ने बताया कि कृषि एक ऐसा क्षेत्र है जो हमारी राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में करीब 1/6 हिस्सा अंशदान करता है और हमारी जनसंख्या का प्रमुख भार अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है।
चुनौतियों से है निपटना
बढ़ती जनसंख्या के लिए अनाज उपलब्ध कराने में बड़े पैमाने पर भारत को आत्मनिर्भर बनाने की चुनौती उत्पन्न हो गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि कृषि को प्रतिस्पर्धी एवं लाभप्रद बनाने के लिए सार्वजनिक एवं निजि दोनों ही स्तर पर कृषि देश व्यावसायिक-प्रौद्योगिकी विकास तथा वर्तमान कृषि-व्यावसाय़िक संरचना के आधुनिकीकरण के लिए निवेश बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, (पूसा) इस क्षेत्र में अनुसंधान की अग्रणी संस्थान है।
कृषि विकास के लिए फंड की स्थापना
वित्त मंत्री ने इसके अलावा ‘एग्री-टेक-इफ्रस्टचर फंड' की स्थापना के लिए 100 करोड़ रूपये की राशि का प्रावधान किया है।
किसान विकास पत्र
बचत को प्रोत्साहित करने के लिए किसान विकास पत्र (केवीपी) फिर शुरु किया जा रहा है, ताकि लोग बैंको में रखे हुए और अन्य मदों में लगाए गए अपने पैसे को किसान विकास पत्रों में लगा सकें। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आज लोक सभा में अपने पहले बजट में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि छोटी बचत करने वाले लोगों में केवीपी बहुत लोकप्रिय था और इसलिए बचत को बढ़ावा देने के लिए इसे फिर शुरू किया जा रहा है।












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