Agricultural Museum Global Meet: पंजाब में पहली बार किसानों के लिए अनोखा आयोजन, जानिए मकसद
पंजाब में कृषि संग्रहालयों की पहली वैश्विक बैठक (Agricultural Museum Global Meet) होने वाली है। कृषि संग्रहालयों के पहले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (CIMA) का मकसद भारत की कृषि कहानियों की समृद्ध विरासत से दुनिया को परिचित कराना है।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के कुलपति डॉ. एसएस गोसल इस पहले वैश्विक आयोजन की देखरेख कर रहे हैं। उन्होंने बताया, पीएयू के संग्रहालय मेंकृषि कहानियों की समृद्ध विरासत है। यह आयोजन कृषि के प्रमुख क्षेत्रों जैसे पारिस्थितिकी तंत्र, कीट, बीमारियों और पोषण में किसानों के ऐसे ज्ञान पर फोकस करेगा, जो हर समय प्रासंगिक होते हैं।

इस कार्यक्रम में भूमि, जल, उर्वरक और बीज से जुड़े मुद्दों को भी कवर किया जाएगा। कुलपति डॉ. एसएस गोसल के अनुसार, किसानों के इतिहास में परिवर्तनकारी मील के पत्थर का अध्ययन करने के लिए देश भर के कृषि संस्थानों को एकजुट करने की पहल की जा रही है।
CIMA 2023 एशिया में अपनी तरह का पहला सम्मेलन होगा। इसका उद्देश्य किसानों से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर संबंधित संगठनों और संस्थानों के साथ सहयोग को बढ़ावा देना है। CIMA के मंच से भारत की कृषि विरासत को बचाने की कोशिश के साथ-साथ इसे दुनिया के साथ शेयर करने का प्रयास किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के प्रमुख संग्रहालयों के बारे में डॉ. गोसल ने कहा कि 1974 में बनाया गया पंजाब का सामाजिक इतिहास और ग्रामीण जीवन संग्रहालय, राज्य के लोककथाओं और ग्रामीण जीवन के साथ विश्वविद्यालय के संबंधों को प्रदर्शित करता है।
उन्होंने कहा, 1986 में स्थापित डॉ एच एल उप्पल संग्रहालय, उत्तर-पश्चिमी भारत की विस्तृत भौगोलिक विशेषताओं को प्रदर्शित करता है। यूनिवर्सिटी की प्लांट ब्रीडिंग (फसल) संग्रहालय में कृषि वैज्ञानिकों की तरफ से अनुशंसित फसल किस्मों के बारे में भी जानकारी मिलती है।
खेती-किसानी से दूर होती जा रही युवा पीढ़ी को हरित क्रांति संग्रहालय उच्च उपज वाली किस्मों के साथ-साथ कृषि क्रांति में पंजाब की भूमिका को समझने में मदद मिलेगी। डॉ. गोसल ने बताया, कीट संग्रहालय अत्याधुनिक सुविधा है। इसमें कीटों के 30 से अधिक प्रकारों का संरक्षण किया गया है।
म्यूजियम में कीटों के विकास के अलग-अलग चरणों और उनके सबसे अलग व्यवहार, आदतों और आवासों के मॉडल की जानकारी भी मिलेगी दर्शाते हैं। प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय पूरे पशु साम्राज्य में जानवरों के विकास, शारीरिक संरचना और जानवरों के संगठन को दिखाने के लिए उसके नमूने और मॉडल को प्रदर्शित किया गया है।
Soil Museum यानी मृदा संग्रहालय में मिट्टी के अलग-अलग प्रकारों की जानकारी मिलेगी। छह फ्लोर वाले इस म्यूजियम में पंजाब की मिट्टी के बारे में विस्तार से बताया गया है। प्राकृतिक रूप से मिट्टी की उर्वरता दर्शाने के अलावा आने वाले दिनों में संग्रहालय में कृषि उपकरण और मशीनरी को भी दिखाया जाएगा।












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