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Zika Virus: जीका वायरस लक्षण, कारण और बचाव

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने बताया कि रायचूर जिले की पांच साल की बच्ची में जीका वायरस पाया गया है।
Ankur Sharma
जिसके बाद राज्य में सरकार ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं और लोगों को गाइडलाइन फॉलो करने के लिए कहा है।
जीका एक वायरस है, जो एडीज और एजिप्‍टी मच्‍छरों से फैलता है।
जीका वायरस को पहली बार सन 1947 में युगांडा के बंदरों में पहचाना गया था।
जीका का सबसे बुरा असर नवजात बच्चों, गर्भ में पल रहे शिशु, शारीरिक रूप से कमजोर लोगों पर होता है।
जीका वायरस के कारण लोग शारीरिक तौर से विकलांग भी हो सकते हैं।
लक्षण: मरीज के शरीर पर रैशेज, हाथ-पैर और आंखों में जलन और बुखार, मरीज के सिर, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, हाथ-पांव में सूजन।
जीका से माइक्रोसेफेली का खतरा हो सकता है। इससे प्रभावित बच्‍चे का जन्‍म अविकसित और छोटे दिमाग के साथ होता है।
यह सिंड्रोम शरीर की तंत्रिका पर हमला कर रोगी को लकवे का शिकार भी बना सकता है।
गर्भवती महिलाएं जीका वायरस की चपेट में सबसे ज्यादा आती हैं इसलिए उन्हें काफी सजग रहने की जरुरत है।
फिलहाल जीका का कोई इलाज नहीं है इसलिए सावधानी ही बचाव है।
कैसे करें रोकथाम: मच्छरों के काटने से बचना, मच्छरों को बढ़ने से रोकना, सुरक्षित यौन संबंध बनाना, फूल स्लीव के कपड़े पहनना, मच्छरदानी का प्रयोग।
युवराज सिंह की नेटवर्थ