Tap to Read ➤

कछुए जैसा बन रहा दुनिया का पहला पानी पर तैरता शहर, जानें खासियतें

ग्लोबल वार्मिग के खतरों के बीच वैज्ञानिकों ने अब पानी में घर बसाने और नई कॉलोनियां बनाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। दुनिया की पहली फ्लोटिंग सिटी बनाने की काम शुरू हो गया है।
sanjay jha
दुनिया ग्लोबल वार्मिंग से जूझ रही है। पिछले 120 सालों में समुद्र का स्तर 10 इंच तक बढ़ गया है और यह लगातार बढ़ता जा रहा है। ये दावा किया जा रहा है कि भविष्य में कई देश डूब जाएंगे।
ऐसे में वैज्ञानिक पानी में घर बसाने और नई कॉलोनियां बनाने पर प्लान करने में जुट गए हैं। दुनिया की पहली फ्लोटिंग सिटी बनाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। दरअसल यह तैरता एक सुपर लग्जरी नाव है, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी नाव होने का दावा किया जा रहा है।
इसका नाम पैंगियोस रखा गया है। यह नाम आखिरी महाद्वीप पैंजिया के नाम पर रखा गया है। पैंजिया महाद्वीप 200 मिलियन वर्ष पहले धरती पर हुआ करता था।
इस पानी पर तैरते हुए शहर में भी सभी सुविधाएं होंगी जो जमीन पर बसने वाले शहरों में होती हैं। डिजाइनरों का कहना है कि पैंगियोस 1,800 फीट लंबी और 2,000 फीट चौड़ी होगी।
इसे बनाने में करीब 8 अरब डॉलर खर्च होंगे। जहाज के निचले हिस्से में 30,000 सेल या क्लस्टर कम्पार्टमेंट होंगे। इसे स्टील से बनाया जाएगा, ताकि यह डूबे नहीं।
पैंजिया के प्रत्येक 'विंग' पर 19 विला और 64 अपार्टमेंट होंगे। जिसमें एक साथ 60 हजार लोगों के रहने की जगह होगी।
इसके निर्माण में आठ साल लगेंगे। इस विशेष परियोजना के निर्माण के लिए एक विशाल शिपयार्ड बनाने की आवश्यकता होगी।
हालांकि इस विशाल प्रोजेक्ट को लेकर कुछ लोगों की शंकाएं भी हैं। लोगों कह रहे हैं कि ये समुद्री लहरों को कैसे संभालेगा। लोग इसे एक दिलचस्प डिजाइन बता तो रहे हैं लेकिन इसे हकीकत से कोसों दूर बताया जा रहा है।