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नींबू क्यों बिक रहा 10 रु पीस, कब होगा सस्ता

2022 में महंगे पेट्रोल डीजल की वजह से बढ़ते दामों को झेल रहे देश के लोग अब नींबू की महंगाई से परेशान हैं।
आजकल पेट्रोल के दाम ने घर का बजट बिगाड़ा है तो नींबू के दाम ने खाने का जायका खराब कर दिया है।
गर्मी में नींबू का शरबत पीना और सलाद में इसे डालकर खाना लोगों के लिए दूभर होता जा रहा है।
बाजार जाते ही नींबू की कीमत सुनकर लोग इसे खरीदने से कतराते दिखते हैं। शहर हो या गांव, 10 रुपए में एक नींबू मिल रहा है।
दुनियाभर के कुल नींबू का 17 प्रतिशत उत्पादन भारत में होता है। फिर सवाल उठता है कि नींबू इतना महंगा कैसे हुआ?
इसका जवाब नींबू के उत्पादन में है जो कि देश में तीन सीजन में होता है। इसे अंबे, मृग और हस्त बहार (सीजन) कहते हैं।
अंबे सीजन जनवरी से अप्रैल तक, मृग सीजन जून से अक्टूबर और हस्त सीजन सितंबर से मार्च तक होता है।
अभी जो बाजार में नींबू है वह हस्त बहार का है। फिर अंबे बहार का नींबू बाजार में आता है। लेकिन इस बार दोनों सीजन में ही नींबू की फसल अच्छी नहीं हुई।
सितंबर-अक्टूबर में भारी बारिश हुई जिसे नींबू की फसल झेल नहीं पाई। हस्त बहार में इसलिए नींबू का उत्पादन कम हुआ।
इसके बाद फरवरी में गर्मी बढ़ने की वजह से अंबे बहार में नींबू के छोटे फल गिर गए। बाजार में इसलिए नींबू की सप्लाई कम है।
महाराष्ट्र, तमिलनाडु, ओडिशा और गुजरात में सबसे ज्यादा नींबू की पैदावार होती है। गुजरात में चक्रवात का भी नींबू पर बुरा असर हुआ।
पेट्रोल के दाम बढ़ने की वजह से ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट भी बढ़ गया। दो सीजन फेल होने की वजह से नींबू महंगा हो गया।
नींबू कब होगा सस्ता, आगे है जवाब
अब अगर मृग सीजन में नींबू की फसल अच्छी हुई तो ही अक्टूबर के बाद कीमत कम होने के आसार बनेंगे।
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