Tap to Read ➤
क्यों जोशीमठ में धंस रही है जमीन, घरों में आ रही है दरार?
जोशीमठ में 600 से ज्यादा घरों में दरार आ गई है।
Pallavi Kumari
जोशीमठ में 600 से अधिक घरों में दरारें आ गई हैं। आखिर क्यों धंस रही है जमीन?
6,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित जोशीमठ एक प्रसिद्ध पर्यटन शहर है।
पिछले कुछ दशकों में जोशीमठ में आबादी और निर्माण गतिविधियों में विस्फोट देखा गया है।
जोशीमठ को एक प्राचीन भूस्खलन स्थल पर बनाया गया था, इसकी असर क्षमता हमेशा कम रही है।
जलविद्युत परियोजनाओं और NH-7 के विस्तार ने इसके ढलानों को अस्थिर किया है।
विष्णुप्रयाग से बहने वाली नदी की धाराओं की वजह से मिट्टी का क्षरण हो रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि NTPC के तपोवन विष्णुगढ़ जलविद्युत परियोजना की वजह से अनावश्यक खुदाई के कारण जमीन धंस रही है।
एक्सपर्ट दशकों चेतावनी दे रहे हैं कि यह क्षेत्र बड़े पैमाने पर चल रहे निर्माण को संभाल नहीं सकता।
पहली रिपोर्ट 1976 में आई थी। जिसमें जोशीमठ में असंतुलन जीवन और संपत्ति को खतरे में डाल सकता है।