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IAS-IPS में ज्यादा पावरफुल कौन होता है?

LBSNAA और SVPNPA में ट्रेनिंग के बाद IAS और IPS अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग दी जाती है।
vishwanath saini
आईएएस और आईपीएस अफसर के काम में काफी अंतर होता है।
इसी हिसाब से दोनों की जिम्‍मेदारियां व शक्तियां होती हैं।
आईएएस को अपने क्षेत्र या पूरे जिले में प्रशासन संभालने की जिम्मेदारी दी जाती है।
आईएएस को अपने क्षेत्र के विकास के लिए प्रस्ताव बनाने होते हैं।
आईएएस अधिकारी के पास सरकारी नीतियों को लागू करवाने का भी काम होता है।
IAS को अपने क्षेत्र में जरूरी निर्णय लेने
के लिए शक्तियां दी जाती हैं।
IPS की जिम्मेदारी उसके क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने की होती है।
अपने इलाके में अपराध की जांच का जिम्‍मा भी आईपीएस के कंधों पर होता है।
आईपीएस अफसर ड्यूटी के दौरान वर्दी पहनते हैं।
जबकि आईएएस अधिकारी का कोई ड्रेस कोड नहीं होता और वे फॉर्मल ड्रेस पहनते हैं।
आईएएस अधिकारी को अलग-अलग पोस्ट के आधार पर बॉडीगार्ड, गाड़ी और जैसी सुविधाएं मिलती हैं।
जबकि आईपीएस अफसर के साथ पूरी पुलिस फोर्स चलती है।
आईएएस को कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग व कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय नियंत्रित करती है।
जबकि आईपीएस कैडर को केंद्रीय गृह मंत्रालय नियंत्रित करती है।
आईएएस अधिकारी की सैलरी आईपीएस अफसर की तुलना में ज्यादा होती है।
किसी एक क्षेत्र में केवल एक आईएएस अफसर की तैनाती की जाती है।
जबकि एक क्षेत्र में जरूरत के हिसाब से आईपीएस अधिकारी की संख्या कम या ज्यादा हो सकती है।
आईएएस अधिकारी का पद, वेतन और अधिकार के मामले में आईपीएस से बेहतर कहा जा सकता है।