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IPS की पावर और सुविधाएं क्‍या-क्‍या होती हैं?

UPSC की CSE पास करने वाले अभ्‍यर्थी भारतीय पुलिस सेवा के अफसर बनते हैं। उन्‍हें हम आईपीएस कहते हैं।
Vishwanath Saini
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में न्‍यूनतम 250 रैंक वाले अभ्‍यर्थी IPS बन सकते हैं।
IAS व IPS का मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में शुरुआती प्रशिक्षण
होती है।
LBSNAA के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल नेशनल पुलिस अकादमी हैदराबाद (SVPNPA) में IPS की 15 सप्‍ताह की ट्रेनिंग होती है।
आईपीएस को जिले के नॉन आईपीएस कैडर के SP और DSP समेत तमाम पुलिस अधिकारी रिपोर्ट करते हैं।
कमिश्नरेट में आईपीएस की पावर अलग होती है।
आईपीएस जिले के समग्र पुलिस कामकाज का प्रभारी होता है।
आईपीएस को अपने इलाके की शांति-व्यवस्था कायम करने को लेकर फैसला लेना होता है।
लोगों की सुरक्षा और लॉ एंड ऑर्डर सुधारना की जिम्‍मेदारी आईपीएस की होती है।
आईपीएस अफसर को सुरक्षा गार्ड, गाड़ी-सरकारी बंगले के साथ साथ घरेलू सहायता दी जाती है।
आईपीएस में चयन के बाद उन्हें विदेश में पढ़ाई करने का विकल्प भी मिलता है।
आईपीएस को वाहन सुविधा के साथ-साथ मुफ्त बिजली या फोन कॉल सुविधा मिलती है।
आईपीएस अफसर को मेडिकल भत्ते और लाइफटाइम पेंशन व अन्य रिटायरमेंट लाभ भी मिलते हैं।
IPS अफसर को तीन तरह के पे-स्केल दिए जाते हैं।
जूनियर टाइम स्केल के तौर पर किसी अधिकारी को 15,600 से 39,000 रुपए सैलरी पैकेज मिलता है। इसमें 5,400 रुपए का पे-स्केल और जोड़ा जाता है।
सीनियर टाइम स्केल के समय 15,600 से 39100 की बेसिक सैलरी होती है और इसके साथ 6,600 का ग्रेड पे जोड़ा जाता है।