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राजाजी टाइगर रिजर्व का करना है दीदार, तो ये बातें जानना है जरूरी

राजाजी टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए मंगलवार से खोला जा रहा है। पर्यटक राजाजी टाइगर रिजर्व में सफारी करने के साथ ही वन्यजीवों का दीदार कर सकते हैं।
Pavan nautiyal
राजाजी टाइगर रिजर्व के पांच रेंजों चीला, मोतीचूर, आशारोड़ी, मोहंड और रानीपुर में पर्यटक आ सकते हैं।
सफारी करने के लिए टिकट काउंटरों से ही लेना होगा। अभी राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से ऑनलाइन टिकट की व्यवस्था नहीं।
राजाजी टाइगर रिजर्व सफारी वेलफेयर सोसाइटी ने सफारी किराये में 300 रुपये की बढ़ोतरी की है।
राजाजी राष्ट्रीय उद्यान उत्तराखंड के देहरादून से 23 किमी की दूरी पर स्थित है।
1983 से पहले इस क्षेत्र में फैले जंगलों में तीन अभयारण्य थे. राजाजी,मोतीचूर और चिल्ला। 1983 में इन तीनों को मिला दिया गया।
महान स्वतंत्रता सेनानी चक्रवर्ती राजगोपालाचारी के नाम पर इसका नाम राजाजी राष्ट्रीय उद्यान रखा गया। इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा हाथियों की संख्या के लिए जाना जाता है।
राजाजी राष्ट्रीय उद्यान में हिरन, चीते, सांभर और मोर भी पाए जाते हैं। राजाजी राष्ट्रीय उद्यान में पक्षियों की 315 प्रजातियाँ पाई जाती हैं।