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MP के सभी टाइगर रिजर्व, यहां करीब से लीजिए जंगल सफारी का आनंद

मध्य प्रदेश में पूरे देश में सबसे ज्यादा नेशनल पार्क्स हैं और इन नेशनल पार्क में आपको तरह-तरह के जंगली जानवर देखने को मिल जाएंगे।राष्ट्रीय उद्यान में कई बाघ हैं।यही कारण है कि पिछले साल मध्य प्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा मिला था।
Rakesh kumar patel
कान्हा नेशनल पार्क मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है। यहां ऐसे है बाघ है जो सैलानियो के बीच राज कर रहे हैं. बता दें क‍ि इस पार्क में आपको बंगाल टाइगर, इंडियन तेंदुआ, स्‍लॉथ भालू, बारहसिंघा देखने को मिल जाएंगे।
पन्ना राष्ट्रीय उद्यान जो छतरपुर में स्थित है, बाघों को देखने और उनकी तस्वीरें खींचने के लिए ये अच्छी जगह है.इसे 1994/95 में भारत के टाइगर रिजर्व में से एक घोषित किया गया था और यह प्रोजेक्ट टाइगर के संरक्षण में है।
बांधवगढ़ के जंगलों में बाघों का घनत्व बहुत अधिक है. रिपोर्ट के अनुसार पार्क में 22 बाघ हैं। बाघ के अलावा पार्क में आपको तेंदुओं और हिरणों की विभिन्न प्रजातियां देखने को मिलेंगी.
राष्ट्रीय उद्यान नर्मदापुरम (होशंगाबाद) जिले में स्थित है. इसका नाम सतपुड़ा रेंज से लिया गया है। यह भारत के टाइगर रिजर्व में से एक है।रिपोर्ट के अनुसार 2021 तक पेंच टाइगर रिजर्व में पेंच में 53 से ज्यादा बाघ हैं।
संजय-दुबरी टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश के सीधी जिले में स्थित एक प्रदेश की और टाइगर रिजर्व है. बात दें कि टाइगर राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना 1975 में हुई थी. वर्ल्ड फेमस सफेद बाघ "मोहन" को इस पार्क के जंगल से पाया गया था. पार्क रेंज में से एक का नाम इस व्हाइट टाइगर के नाम पर "मोहन" रखा गया है.
वाइल्ड लाइफ ट्रेवलर्स के लिए सफेद बाघ जैसी अनोखी प्रजाति को देखना एक अनोखा अनुभव है। मुकुंदपुर जंगलों को सफेद बाघों का घर भी कहा जाता है। सफेद बाघ करीब सौ साल पहले इसी इलाके में देखे गए थे। लगभग 25 हैक्टेयर में फैली इस सफारी में सफेद बाघ को देखने के लिए देश विदेश से पर्यटक आते हैं।
कूनो राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश राज्य में स्थित है. वाइल्ड सैंक्चुरी के तौर पर कूनो नेशनल पार्क की स्थापना वर्ष 1981 में की गई थी.पिछले दिनों कूनो नेशनल पार्क काफी चर्चा में था. इसकी वजह थी इस पार्क में नामीबिया से लाए गए चीतों को रिलीज करना.