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गर्मी में Cooler चलाते समय रखेंगे ये बातें याद, परिवार रहेगा सेफ

कूलर में करंट आने का खतरा रहता है लेकिन खतरा टाला भी जा सकता है अगर हम पानी वाले कूलर का रखरखाव सही से करें।
मेटल बॉडी वाले कूलर से करंट लगने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। कहीं गड़बडी होने पर पूरे कूलर में करंट दौड़ जाता है।
मेटल बॉडी वाले कूलर से करंट लगने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। कहीं गड़बडी होने पर पूरे कूलर में करंट दौड़ जाता है।
घरों की खिड़की में मेटल कूलर लोग लगा देते हैं। खिड़की में ग्रिल हो तो कूलर की बॉडी को गैप रखकर लगाएं।
कूलर में जब भी पानी डालें तो स्विच ऑफ जरूर कर दें। कूलर में पानी लिमिट से ज्यादा न भरें। ओवर पानी होने पर इलेक्ट्रिंक सर्किट में यह जा सकता है।
कूलर के अंदर-बाहर जितनी वायरिंग है, वह पानी से टच न हो, इसका ध्यान रखें। कुछ दिनों पर कूलर के अंदर वायरिंग को चेक करें।
कूलर में कहीं टच होने पर झनझनाहट हो तो तुरंत इलेक्ट्रिशियन को बुलाएं। गीले हाथ से कूलर को कभी न छुएं।
गीली सतह पर खड़े होकर कूलर को स्विच ऑन ऑफ न करें। ऐसा करते समय चप्पल जरूर पहनें।
बच्चों को कूलर से दूर ही रखें। कूलर के करंट की चपेट में आकर बच्चे भी जान गंवा चुके हैं।
कूलर के लिए थ्री पिन प्लग का इस्तेमाल करें। कूलर की अर्थिंग (ग्राउंडिंग) होनी चाहिए, इससे ज्यादा करंट की हालत में मेटल बॉडी से खतरा कम हो जाएगा।
अगर आप Earth Leakage Circuit Breaker (ELCB) डिवाइस कूलर में लगाएंगे तो जान की सुरक्षा के लिए यह उम्दा उपाय होगा।
कूलर चलते समय अगर पानी की फुहार फेंकता हो तो यह पानी सर्किट में भी जा सकता है। घास को कूलर की साइड ग्रिल में सही से एडजस्ट करें।
कूलर के मोटर में खराबी आने से भी करंट पानी या मेटल बॉडी में आ सकता है। मोटर की खराबी का भी ध्यान रखें।
कूलर के यूज में जरा सी लापरवाही से गंभीर हादसा हो सकता है। सावधान रहें, उपाय करें।
पंखा सिर पर गिरे इससे पहले
करें यह उपाय