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ओमिक्रॉन BA.2 को जांच में पकड़ना मुश्किल

दुनिया कोरोना वायरस की नई लहर आने की आशंका से डरी हुई है। यह लहर आई तो स्टील्थ ओमिक्रॉन को लेकर आएगी।
ओमिक्रॉन BA.1 के बाद उसके नए सब वैरिएंट स्टील्थ ओमिक्रॉन BA.2 की चर्चा दुनियाभर में है।
यूरोप और चीन को स्टील्थ ओमिक्रॉन ने फिर परेशान कर दिया है। कहा जा रहा है चौथी लहर यह ला सकती है।
भारत में फिलहाल स्टील्थ ओमिक्रॉन को हल्के में लिया जा रहा है लेकिन इसको गंभीरता से लेने की जरूरत है।
ओमिक्रॉन BA.1 को स्टील्थ ओमिक्रॉन BA.2 धीरे-धीरे रिप्लेस कर रहा है, ऐसा कहा जा रहा है।
स्टील्थ ओमिक्रॉन भले ही ओमिक्रॉन का सब वैरिएंट है लेकिन टेस्टिंग में इसको पकड़ना आसान नहीं है।
इसकी वजह यह है कि स्टील्थ ओमिक्रॉन का जीन ओमिक्रॉन से कुछ अलग है। SGTF जांच से ओमिक्रॉन का पता चलता है।
लेकिन SGTF (S जीन टेस्टिंग फेल्योर) जांच में स्टील्थ ओमिक्रॉन पकड़ में नहीं आता और फर्जी निगेटिव रिजल्ट देता है।
स्टील्थ ओमिक्रॉन, ओमिक्रॉन से भी ज्यादा संक्रामक है और तेजी से फैलता है। नुकसान पहुंचाने में यह ओमिक्रॉन जितना ही ताकतवर है।
चीन में संक्रमित मरीजों में चक्कर आना, डायरिया, उल्टी, पेट दर्द, सीने में जलन और ब्लोटिंग के लक्षण मिल रहे हैं।
ओमिक्रॉन जहां श्वसन तंत्र को सबसे ज्यादा प्रभावित करता था, वहीं स्टील्थ ओमिक्रॉन पाचन तंत्र पर हमला बोलता है।
इजरायल में तो ओमिक्रॉन और स्टील्थ ओमिक्रॉन दोनों के मिलने से निकले एक नए स्ट्रेन का पता चला है।
अगर अगली लहर होगी तो वह स्टील्थ ओमिक्रॉन की ही होगी, वैक्सीनेशन इसको रोकेगी या नहीं, यह अभी पता नहीं चला है।
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