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Sabarimala Temple:क्या है केरल के प्रसिद्ध मंदिर का इतिहास और विवाद

सबरीमाला मंदिर भगवान अयप्पा को समर्पित है और केरल में स्थित श्री धर्म संस्था के हिंदू मंदिरों में सबसे प्रसिद्ध और प्रमुख है।
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केरल के पथानामथिट्टा जिले में स्थित सबरीमाला मंदिर समुद्र तल से करीब 3,000 फीट की ऊंचाई पर पहाड़ी की चोटी पर स्थित है।
आस्था के अनुसार सबरीमाला मंदिर में जाने से पहले तीर्थयात्रियों को 41 दिनों तक ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है।
सबरीमाला मंदिर
सबरीमाला मंदिर
भगवान अयप्पा के प्रति आस्था रखने वाले किसी भी धर्म के लोगों के लिए यह मंदिर खुला है। भगवान अयप्पा विकास के देवता हैं।
सबरीमाला मंदिर
केरल के पेरियार टाइगर रिजर्व में यह मंदिर 18 पहाड़ों से घिरा है। यह मंदिर नवंबर-दिसंबर में मंडलपूजा से 14 जनवरी या मकर संक्रांति तक खुलता है।
इसके अलावा 14 अप्रैल को महा विशुवा संक्रांति और प्रत्येक मलयालम मास के पहले पांच दिन यह मंदिर खुलता है।
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सबरीमाला एक अति प्राचीन मंदिर है। स्थापना के बाद तीन शताब्दियों तक यहां पहुंचना बहुत ही कठिन था।
सबरीमाला मंदिर
12वीं सदी में पंडालम राजवंश के राजकुमार मणिकनंदन ने मंदिर तक पहुंचने का मूल मार्ग फिर से खोज निकाला।
उनके साथ कई अनुयायी भी थे, जिसमें मुस्लिम योद्धा वावर का परिवार भी शामिल था। उसे उन्होंने पराजित किया था।
सबरीमाला मंदिर
राजकुमार मणिकनंदन को भगवान अयप्पा का एक अवतार भी माना जाता है।
Created by potrace 1.15, written by Peter Selinger 2001-2017
सबरीमाला मंदिर
ऐसी मान्यता है कि उन्होंने सबरीमाला मंदिर में ध्यान किया और दिव्यता प्राप्त की।
सबरीमाला
मंदिर
आस्था है कि तीर्थयात्रियों को यात्रा के दौरान बाल, दाढ़ी या नाखून नहीं काटने हैं। रोज कम से कम दो बार नहाना है।
सबरीमाला मंदिर
श्रद्धालुओं को काले या नीले कपड़े पहनने हैं और माथे पर विभूति या चंदन लगाना है।
सबरीमाला मंदिर
भगवान अयप्पा ब्रह्मचारी हैं, इसी मान्यता के साथ सबरीमाला मंदिर में युवा महिलाओं का प्रवेश वर्जित माना जाता है।
सबरीमाला मंदिर
1991 में केरल हाई कोर्ट ने भी 10 से 50 वर्ष के बीच की महिलाओं को मंदिर में घुसने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
2006 में मंदिर के एक पुजारी ने दावा किया कि कोई युवा महिला प्रवेश कर कर चुकी है, जिससे भगवान अयप्पा नाराज हैं, अपनी शक्तियां खो रहे हैं।
Created by potrace 1.15, written by Peter Selinger 2001-2017
सबरीमाला मंदिर
सबरीमाला मंदिर
कन्नड़ अभिनेता प्रभाकर की धर्मपत्नी जयमाला ने दावा कर दिया कि वह भगवान अयप्पा की प्रतिमा को स्पर्श कर चुकी हैं। इसपर बहुत विवाद हुआ।
सबरीमाला मंदिर
सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने को लेकर लंबा कानूनी विवाद चला। महिला अधिकारों की मांग करने वालों ने सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी।
27 साल बाद 28 सितंबर, 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के प्रवेश पर से प्रतिबंध हटा लिया और इसे असंवैधानिक करार दिया।
सबरीमाला
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