Tap to Read ➤

रूस-यूक्रेन युद्ध : कौन सा देश किसकी तरफ?

यूक्रेन पर की जा रही सैन्य कार्रवाई की वजह से कई देश रूस के साथ खड़े हैं, तो कई देश विरोध में...
रूस के राष्‍ट्रपति व्लादमिर पुतिन ने शुक्रवार की सुबह यूक्रेन पर कब्जा करने के लिए युद्ध का ऐलान कर दिया, जिसके बाद यूक्रेन से 7 लोगों के मारे जाने की खबर आयी।
जंग का ऐलान
यूक्रेन ने संयुक्त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में सभी देशों से युद्ध को रुकवाने की अपील की है, लेकिन कुछ देश हैं, जो रूस के साथ हैं, तो कुछ विरोध में तो कुछ तटस्थ हैं।
रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला 1945 के बाद से यूरोप में सबसे बड़ा युद्ध है।
सबसे बड़ा युद्ध
तमाम लोग विश्‍व युद्ध के कयास लगा रहे हैं, जबकि फिलहाल ऐसे कोई संकेत नहीं हैं, लेकिन हां यह जानना भी जरूरी है कि कौन सा देश रूस के पक्ष में खड़ा है तो कौन सा यूक्रेन के।
देश जो रूस के पक्ष में
क्यूबा एक कैरेबियन देश है जो रूस के करीबी मित्र देशों में से एक है, और पुतिन के इस ऐक्शन के साथ खड़ा है।
बेलारूस यह देश यूक्रेन पर हमला करने के लिए अपनी ज़मीन मुहैया करा रहा है। रूस के सैनिकों ने बेलारूस में छावनी बनायी है।
देश जो रूस के पक्ष में
आर्मेनिया - 2020 में जब अज़रबैजान ने आर्मेनिया पर हमला किया था, तब रूस ने क्षेत्र में पीस कीपिंग मिशन के रूप में 20 हजार सैनिक आर्मेनिया भेजे थे।
देश जो रूस के पक्ष में
कज़ाकस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान ने फिलहाल रूस का समर्थन किया है।
अन्य देश जो रूस के साथ
देश जो यूक्रेन के पक्ष में
अमेरिका - रूस की सैन्य गतिविधियां विकराल रूप न धारण कर लें, इसके लिए अमेरिका ने पोलैंड में अपना मिलिट्री बेस बना लिया है।
ब्रिटेन - यूरोप में शांति बनाये रखने के उद्देश्‍य से ब्रिटेन इस सैन्य ऑपरेशन के खिलाफ है।
देश जो यूक्रेन के पक्ष में
बेल्जियम, कनाडा, डेनमार्क, फ्रांस, आइसलैंड, इटली, लक्ज़मबर्ग, नीदरलैंड्स, नॉर्वे, जर्मनी, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया।
अन्‍य देश जो यूक्रेन के साथ
दुनिया के बड़े देशों की बात करें तो भारत ने अभी तक रूस-यूक्रेन युद्ध पर पूरी तरह तटस्थ है। रूस के साथ मजबूत संबंध होने के साथ-साथ, भारत यूक्रेन की मित्रता को खोना नहीं चाहता है।
देश जो तटस्थ यानि न्यूट्रल है
अभी तक ईरान और अज़रबैजान ऐसे देश हैं, जिन्‍होंने रूस-यूक्रेन विवाद से खुद को अलग करके रखा हुआ है। ईरान जहां इस मुद्दे पर अमेरिका को दोषी ठहरा रहा है, वहीं अज़रबैजान रूस से झगड़ा मोल नहीं लेना चाहता है।
देश जो कुछ नहीं बोलना चाहते
देश-दुनिया की तमाम खबरों के लिए पढ़ें वनइंडिया
Oneindia Hindi