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8वीं पास Ruma Devi ने 22 हजार को 'नौकरी' कैसे दी?
राजस्थान के बाड़मेर की रूमा देवी महिला सशक्तीकरण की मिसाल है। जानिए इनके बारे में कुछ खास बातें।
Vishwanath Saini
रूमा देवी बाड़मेर के रावतसर गांव की रहने वाली हैं।
खेताराम व इमरती के घर नवम्बर 1988 में रूमा जन्मी।
पांच साल की उम्र में रूमा ने अपनी मां को खो दिया।
फिर पिता ने दूसरी शादी
कर ली।
7 बहन व एक भाई में रूमा देवी सबसे बड़ी हैं।
रूमा देवी अपने चाचा के पास रहकर पली-बढ़ी।
गांव के सरकारी स्कूल से महज आठवीं कक्षा तक पढ़ पाई।
रूमा को बैलगाड़ी पर बैठकर घर से 10 किमी दूर से पानी लाना पड़ता था।
17 साल की उम्र में रूमा की शादी गांव मंगल बेरी के टिकूराम के साथ हुई।
इनके एक बेटा है लक्षित
टिकूराम नश मुक्ति संस्थान जोधपुर के साथ मिलकर काम करते हैं।
रूमा देवी ने बाड़मेर में मकान बना रखे हैं।
इनका बचपन गांव रावतसर
की झोपड़ियों में बीता।
रूमा देवी से जुड़ी महिलाएं राजस्थानी हस्तशिल्प कपड़े बनाती हैं।
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