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योगी राज में यूपी में नहीं रुक रहा 'पेपर कांड'

यूपी में इंटर के अंग्रेजी का पेपर लीक होने का मामला पहला नहीं है। जबसे सरकार बनी है तबसे पेपर लीक लगातार हो रहे हैं।
2017 के मार्च में योगी सरकार के आने के बाद यूपी में पेपर लीक और गड़बड़ी के 10 बड़े मामले सामने आए हैं।
25 जुलाई 2017 दरोगा भर्ती परीक्षा पेपर लीक। परीक्षा को रद्द करना पड़ा था। आगरा के एक इंस्टीट्यूट के 7 लोगों की गिरफ्तारी।
सितंबर 2018 में ट्यूबवेल ऑपरेटर के 3210 पदों पर भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हो गया था।
जून 2018 में यूपी आरक्षी नागरिक पुलिस की भर्ती परीक्षा में दूसरी पाली के एग्जाम पेपर पहली पाली में ही बांट दिए गए। परीक्षा को रद्द करना पड़ा था।
दिसंबर 2018 में ग्राम विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा हुई। यह भर्ती बाद में रिजल्ट में गड़बड़ी के चलते रद्द कर दी गई।
2018 मार्च में उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड UPPCL की भर्ती निकली। इसकी परीक्षा हुई लेकिन पेपर लीक होने की वजह से रद्द कर दी गई।
UPSSSC लोअर सबॉर्डिनेट भर्ती परीक्षा जुलाई 2018 में ली गई लेकिन पेपर लीक होने बाद इसे भी सरकार ने रद्द कर दिया।
अगस्त 2021 में यूपीएसएसएससी पीईटी परीक्षा का पेपर लीक हो गया। यह परीक्षा भी रद्द करनी पड़ी।
नवंबर 2021 में यूपी टीईटी का पेपर लीक हो गया। बीच में ही अभ्यर्थियों से आंसर कॉपी ले लिया गया। परीक्षा रद्द कर दी गई।
69000 शिक्षक भर्ती पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर सुर्खियों में रहा। मामला हाईकोर्ट में भी चला।
अब इंटर के अंग्रेजी विषय का पेपर लीक होने के बाद 24 जनपदों की परीक्षा रद्द कर दी गई है। केस में 32 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
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