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ओरछाः श्रीरामराजा की राजधानी, देश का टॉप टूरिस्ट प्लेस

दुनिया का एकमात्र शहर जहां भगवान श्रीराम राजा के रुप में पूजे जाते हैं। मंदिर में पुलिस गॉर्ड ऑफ ऑनर प्रदान करती है। ओरछा राजा-महाराजाओं का शाही शहर, जिसे बुंदेलखंड की अयोध्या व राजधानी कहा जाता है।
Chaitanya Das Soni
मध्य प्रदेश के ओरछा में श्री रामराजा का मंदिर घूमने की सबसे अच्छी और बेहतर जगह है। यहां धर्म, आध्यात्म के साथ ऐतिहासिक महल, लक्ष्मी मंदिर, जहांगीर महल से लेकर दर्जनों पुरातन इमारतें, साउंड एंड लाइट शो और वह सबकुछ है, जो इसे बेहतरीन टूरिस्ट प्लेस बनाते हैं।
ओरछा शाही शहर कहलाता है। प्राचीन समय में इसे ‘उरछा’ कहा जाता था। टूरिज्म के लिहाज से ‘बढ़ता हुआ ओरछा’ इंडिया का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। बेतवा नदी के किनारे बसा यह शहर काफी सुंदर और व्यवस्थित है। यहां ऐतिहासिक इमारतें, महल, किले, मंदिर, सुंदर बाग-बगीचे और भी बहुत कुछ है।
ओरछा का इतिहास लगभग 16 वीं शताब्दी के आसपास का बताया जाता है। ओरछा की स्थापना 16 वीं शताब्दी में राजा रुद्रप्रताप सिंह द्वारा की गई थी। जो बुंदेला राजवंश से संबंधित राजपूत शासकों में से एक थे और बुंदेलखंड के जिले पर शासन करते थे।
ओरछा में 875 ईस्वी व गुर्जर प्रतिहार वंश के शासकों ने यहां चतुर्भुज मंदिर का निर्माण कराया था। यह भगवान विष्णु का मंदिर है। इस मंदिर से दूसरा तथ्य भी जुड़ा है, जिसमें कहा जाता है कि यह मंदिर पहले भगवान नाम को समर्पित था, लेकिन भगवान विष्णु की चार भुजाओं वाली मूर्ति यहां खुद प्रगट हुई, जिसके बाद यह चर्तुभुज मंदिर हो गया।
धार्मिक मान्यताओं के लिहाज से तीसरा सबसे महत्वपूर्ण श्री लक्ष्मी मंदिर है। 16 वीं शताब्दी का यह मंदिर श्रीयंत्र के आकार में निर्मित है। इसका प्रवेश द्वार पर उल्लू की चोंच जैसी कृति निर्मित है। मंदिर को राजा वीरसिंह देव ने बनवाया था। मंदिर का गर्भगृह वर्तमान में खाली है। कुछ साल पहले मंदिर से मां लक्ष्मी की प्रतिमा चोरी हो गई थी।
ओरछा इंडिया की बेस्ट हॉलिडे डेस्टिनेशन में माना जाता है। यह ऐसा टूरिस्ट प्लेस है जो फैमिली वैकेशन, फ्रेंड्स टूर और न्यू मेरिड कपल्स के लिए भी हॉलिडे डेस्टिनेशन के लिहाज से सबसे बेहतर है। टूरिस्टों के साथ-साथ यह शहर इतिहासकारों, वास्तुकलाविदों और फोटोग्राफरों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र कहलाता है।
ओरछा फोर्ट, जहांगीर महल ओरछा के सबसे बेहतर टूरिस्ट प्लेस में से एक हैं। इसको देखे बगैर ओरछा की यात्रा पूरी नहीं हो सकती। ओरछा फोर्ट को 16 वीं शताब्दी में बुंदेला रुद्र प्रताप सिंह द्वारा बनाया गया था। वहीं जहांगीर महल को महाराज भारत भूषण द्वारा बनवाया गया था। ये टूरिस्टों, हिस्ट्री लवर्स और आर्किटेक्चर लवर्स के लिए अट्रेक्शन का केंद्र हैं।
ओरछा पहुंचने के लिए सीधे हवाई सफर की सुविधा नहीं है। ओरछा से सबसे नजदीक खजुराहो व ग्वालियर एयरपोर्ट हैं। देश के विभिन्न इलाकों से हवाई जहाज से यहां तक पहुंच सकते हैं। यहां से टैक्सी या कैब द्वारा सड़क मार्ग द्वारा ओरछा तक पहुंच सकते हैं। बता दे कि ग्वालियर एयरपोर्ट ओरछा से करीब 140 किलोमीटर दूर है।
ओरछा घूमने के लिए सबसे बेहतर और आरामदायक सुविधा ट्रेन की हो सकती है। ओरछा पहुंचने के लिए झांसी यूपी सबसे नजदीकि रेलवे स्टेशन हैं। देश के विभिन्न मार्गों से झांसी सीधा कनेक्ट है। झांसी स्टेशन से ओरछा की दूरी करीब 18 किलोमीटर है। यहां से टैक्सी की सुविधा है, जो चंद मिनटों में ओरछा पहुंचा देती हैं।
ओरछा जाने के लिए पूरे मध्यप्रदेश से सड़क से कनेक्टिवी हैं। निजी वाहन व टूरिस्ट वाहन से आसानी से सड़क मार्ग द्वारा ओरछा जा सकते हैं। बस व मप्र और यूपी रोडवेज की बसों से भी ओरछा तक की सीधी कनेक्टिविटी है। इधर टीकमगढ़, उधर छतरपुर खजुराहो, इधर झंासी होते हुए आसानी से सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं।