Tap to Read ➤

सांप अपनी केंचुली क्यों उतारते हैं

सांप एक रेंगने वाला जहरीला जीव है, जो साल में कई बार अपनी त्वचा बदलते हैं, और शरीर की पुरानी त्वचा को शरीर से बाहर निकाल देते है जिसे केंचुली कहा जाता है।
जिस तरह मनुष्य पुराने कपड़े उतारकर नए कपड़े पहनता है, ठीक उसी तरह बहुत से जीव-जंतु भी ऐसा करते हैं। इसमें सबसे अधिक सांप का केंचुल निकालना फेमस है।
केंचुल पारदर्शी सा दिखने वाला सांप की त्वचा का ऊपरी भाग या पर्त होती है, जो एक निश्चित समय और दौर में सांप स्वयं छोड़ देता है।
सांप अपनी त्वचा के खराब होने पर इसे साल में तीन से चार बार उतारता है, जिसे केंचुली उतारना कहते हैं।
केंचुली उतारने के बाद सांप की त्वचा की सफाई हो जाती है। किसी प्रकार का संक्रमण हो, तो वह भी ठीक हो जाता है।
जैसे पुरानी त्वचा के मृत होने के बाद नई त्वचा उसकी जगह ले लेती है, सांप के साथ भी ऐसा होता है, जब उसकी पुरानी त्वचा मृत हो जाती है, तो वह अपना केंचुल उतारकर नई त्वचा धारण कर लेता है।
नई त्वचा काफी चिकनी और चमकदार आती है। केंचुली बदल जाने के बाद सांप काफी चुस्त और आकर्षक दिखता है।
त्वचा में कुछ भी खराबी होने पर सांप एकांत स्थान पर चला जाता है। खाना भी छोड़ देता है। फिर वह बहुत कष्टकारी प्रक्रिया से गुजरता है।
सांप के मुंह के पास की त्वचा कुछ ढीली होती है। जबड़े के पास किसी पत्थर आदि से रगड़कर चीरा लगाता है। फिर पेड़, पत्थर, कांटों आदि से शरीर रगड़-रगड़कर पूरे शरीर की केंचुली उतार देता है।