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अगर अकाउंट होल्डर की हो जाए अचानक मौत तो किसे मिलेगा PPF का पैसा?

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) सरकार की एक छोटी बचत योजना है। इस योजना में निवेशक को गारंटीड रिटर्न मिलता है।
pallavi kumari
पीपीएफ में आपका निवेश सेफ होता है और आपको अच्छा रिटर्न भी मिलता है। अधिकत्तर लोग नौकरी के दौरान PPF खाता खोलते हैं।
लेकिन अगर किसी अकाउंट होल्डर की मृत्यु पीपीएफ की मैच्योरिटी से पहले हो जाती है तो इस स्थिति में उसका पैसै किसे मिलेगा? आइए जानें?
किसी अकाउंट होल्डर की मृत्यु के बाद पीपीएफ खाते में जमा राशि उसके नॉमिनी को दे दी जाती है। इस स्थिति में मैच्योरिटी पूरा करने के नियम लागू नहीं होते हैं।
अकाउंट होल्डर की मृत्यु के बाद पूरा पैसा नॉमिनी को सौंप दिया जाता है। इसके बाद अकाउंट बंद कर दिया जाता है।
मृत्यु के दावे का निपटारा कई आधारों पर किया जा सकता है। अगर दावा राशि 5 लाख रुपये तक का है तो इसका बिना किसी कानूनी प्रमाण के आधार पर निपटारा किया जा सकता है।
अगर नॉमिनी के पास सबूत उपलब्ध नहीं है तो इस मामले में कोर्ट से उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जमा करना होगा।
पीपीएफ योजना की मैच्योरिटी अवधि 15 साल की है। लेकिन खाताधारक किसी आपात स्थिति में निवेश राशि का 50 प्रतिशत निकाल सकता है।
इसके लिए शर्त यह है कि खाता खोलने के 6 साल बाद ही कोई खाता से पैसा निकल पाएगा।
पीपीएफ खाते में तीन साल तक निवेश करने के बाद लोन लिया जा सकता है। खाता खोलने के तीसरे वर्ष से छठे वर्ष तक लोन की सर्विस उपलब्ध है।
फिलहाल पीपीएफ में निवेश की गई राशि पर 7.10 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है।