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जानें कितने पढ़े-लिखे हैं कांग्रेस नेता राहुल गांधी

भारत जोड़ो यात्रा के दौरान महाराष्‍ट्र में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वीर सावकर के ऊपर ऐसी टिप्‍पणी की जिसके बाद वो विपक्ष के निशाने पर हैं। आइए जानते हैं आखिरी कितने पढ़े लिखे हैं राहुल गांधी?
bhavna pandey
राहुल गांधी ने महाराष्‍ट्र में कहा आरएसएस और भाजपा जिन्‍हें अपना आदर्श मानती हैं वो सावरकर ने सजा मिलने पर अंग्रेजों से माफी मांगी थी। जिसके बाद उनकी जमकर आलोचना हो रही है।
बता दें राहुल गांधी को अपनी पढ़ाई तीन  बार  बीच में छोड़नी पड़ी थी, उन्‍हें अपना नाम तक बदलना पड़ा था। जवाहर लाल नेहरू के परपोते राहुल गांधी का जन्‍म 19 जून 1970 में हुआ था उन्‍होंने अपनी शुरूआती एजुकेशन दिल्‍ली मार्डन स्‍कूल में की।..
इसके बाद वो पढ़ाई देहरादून स्‍कल  में  एडमीशन लिया  जहां उनके पिता राजीव गांधी ने पढ़ाई की थी। दादी इंदिरा गांधी की 1984 में हत्‍या होने के बाद राहुल गांधी की सुरक्षा को ध्‍यान में रखते हुए उन्‍हें स्‍कूल छोड़ना पड़ा,  गांधी परिवार की चौथी पीढ़ी में जन्‍में राहुल गांधी को घर में ही कुछ साल पढ़ना पड़ा।
1989 में राहुल गांधी ने  सेंट स्‍टीफेन कालेज दिल्‍ली में एडमीशन लिया लेकिन  बीच में ही सुरक्षा कारणों से पढ़ाई छोड़नी पड़ी।...
इसके बाद उनके परिवार ने उन्‍हें अमेरिका पढ़ाई के लिए भेज दिया और 1990 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में एडमीशन हुआ लेकिन 1991 में पिता राजीव गांधी की हत्‍या के बाद सुरक्षा कारणों से उन्‍हें तीसरी बार पढ़ाई छुड़वाकर घर बैठा दिया गया।
1991 से 1094 के बीचरोलिन कॉलेज, फ्लोरिडा में दाखिला लिया और बीए की डिग्री की पढ़ाई की और ग्रेजुएट हो गए। इसके बाद 1995 में क्रैबिज विवि के ट्रीनटी कालेज से एमफिल की पढ़ाई पूरी की।..
राजनीति में एंट्री करने से पहले राहुल गांधी ने कई प्राइवेट फर्मों में काम भी किया लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्‍होंने नाम बदल कर काम किया।
लंदन के मॉनिटर ग्रुप के लिए भी काम किया ये कंपनी मैनेजमेंट गुरु माइकल पोर्टर की एडवाइजर संस्था थी। Technology Consulting कंपनी 2002 में भारत लौटने पर शुरू की और 2004 में राजनीति में एंट्री की और पिता की अमेठी सीट से चुनाव लड़े और जीत हासिल की।