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शोरूम की घड़ियों में आखिर क्यों बजा रहता है 10:10

शोरूम में आपने अक्सर घड़ियों में 10 बजकर 10 मिनट पर रूका हुआ समय देखा होगा। इसके पीछे लोग तरह तरह के लॉजिक देते हैं। तो आइए आपको बताते हैं कि 10 बजकर 10 मिनट का लॉजिक क्या है।
DEEPAK SAXENA
घड़ी निर्माताओं ने अपनी कंपनी का नाम स्पष्ट दिखाने के लिए 8 बजकर 20 मिनट पर सुईयां रखी। लेकिन, सुईयों के कारण घड़ी में दुखी चेहरा सा प्रतीत होता है। इसलिए कंपनी ने 10:10 का समय चुना, जो स्माइली लुक को दर्शाता है।
घड़ी निर्माता अपनी कंपनी का नाम दिखाने के लिए भी 10:10 पर सुईयों को रोककर रखते हैं। साथ ही 12 अंक के नीचे अपनी कंपनी का नाम लिखते हैं। जिससे लोगों को उनकी कंपनी का नाम तुरंत दिख सके।
घड़ी की सुईयां V अक्षर को दिखाती हैं। जो Victory का साइन होता है।
वहीं, इस लॉजिक में कुछ लोगों का मानना है कि हिरोशिमा पर 10 बजकर 10 मिनट पर लिटिल बॉय बम गिराया गया। इसलिए उसमें मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि के लिए ये समय चुना गया।
इसके साथ ही कंपनियां अपनी मार्केटिंग के लिए ये 10:10 समय का लॉजिक अपनाती हैं।
वहीं, कुछ लोगों का मानना ये भी है कि इस समय पर ही घड़ी के अविष्कारकर्ता की मृत्यु हुई थी तो घड़ी निर्माताओं ने इस समय को चुना। हालांकि ये बात सच नहीं है।