जानिए क्या होता है Cancer? ये कितने प्रकार से करता है Attack
Cancer का नाम सुनकर हर कोई घबरा जाता है। ये एक जानलेवा बीमारी होती है। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति की बहुत दर्दनाक मौत होती है। तो आइए जानते हैं क्या होता है कैंसर और ये कितने प्रकार का होता है।
Deepak Saxena
क्या होता है कैंसर?
आम तौर पर Human Cells में पुरानी कोशिकाओं के नष्ट होने के बाद उनकी जगह नई कोशिकाएं ले लेती हैं। वहीं, कैंसर की कोशिकाएं आम कोशिकाओं से अलग होती है। और इनका असामान्य बढ़ना कैंसर का कारण बनता है।
कितने प्रकार का होता है कैंसर?
वैसे तो विशेषज्ञों ने 100 प्रकार के कैंसर का पता लगाया है। लेकिन, इनमें प्रमुख रूप से ब्लड कैंसर, गले का कैंसर, मुंह का कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, लंग कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, ब्लैडर कैंसर, लिवर कैंसर, बोन कैंसर होते हैं।
ब्लड कैंसर
ब्लड कैंसर बहुत ही खतरनाक होता है। ये रक्त के माध्यम से फैलता है। साथ ही इसमें व्यक्ति के जान जाने का जोखिम सबसे ज्यादा होता है।
लंग/मुंह/गले का कैंसर
ये कैंसर होने का मुख्य कारण तम्बाकू, धूम्रपान या अत्यधिक प्रदूषण होता है। इसमें व्यक्ति के फेफड़े प्रभावित होते हैं। साथ ही तम्बाकू सेवन से व्यक्ति के मुंह और गले में सड़न शुरू हो जाती है।
ब्रेन कैंसर
इसे मुख्यत ब्रेन ट्यूमर के नाम से भी जानते हैं। इसमें भी दो प्रकार के होते हैं। नॉन कैंसरस और कैंसरस
बोन कैंसर
ये कैंसर हड्डियों में होता है। साथ ही ये बच्चों और उन लोगों में होता है, जिनमें कैल्शियम की कमी होती है। इसमें धीरे धीरे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं।
मासिक धर्म परिवर्तन और नशे की लत के कारण दुग्ध नलिकाओं में कुछ कण ऐसे जमने लगते हैं जो कैंसर का कारण बनते हैं। ये कैंसर अधिकतर महिलाओं में होता है। इसे स्तन कैंसर के नाम से भी जाना जाता है।
ब्रेस्ट कैंसर
ब्लैडर कैंसर
ब्लैडर पुरुषों में होने वाला सातवां सबसे आम कैंसरों में से एक हैं। ये पेशाब की आंतरिक थैली में कैंसर हो जाता है। इस कैंसर का मुख्यत कारण धूम्रपान होता है।
बच्चेदानी के मुंह का कैंसर महिलाओं में होने वाले कैंसर में दूसरे स्थान पर आता है। इसे गर्भाशय का कैंसर भी कहते हैं।
सर्वाइकल कैंसर
प्रोस्टेट कैंसर
प्रोस्टेट पुरुषों में एक अखरोट के आकार का ग्रंथि है जो वीर्य बनाता है और शुक्राणु का पोषण जुटाता है। जब प्रोस्टेट ग्रंथि में कैंसर होता है तो इसका विकास धीमा और सीमित हो जाता है। साथ ही समय पर इलाज न मिलने पर ये गंभीर रूप ले सकता है।