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जानिए क्या है डिजिटल हेल्थ कार्ड

कैबिनेट ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन एवं हेल्थ अकाउंट के कार्यान्वयन को मंजूरी दे दी है।
कैबिनेट ने पांच साल के लिए 1,600 करोड़ रुपये के बजट के साथ आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन एवं हेल्थ अकाउंट के कार्यान्वयन को मंजूरी दी है।
कैबिनेट की मंजूरी
क्या है मिशन
इस मिशन का उद्देश्‍य देश के हर नागरिक का हेल्थ अकाउंट खोलना है, जिसमें व्यक्ति का पूरा हेल्थ डीटेल होगा।
जिस तरह पैन कार्ड के साथ आपके सारे बैंकिंग ट्रांजैक्शन लिंक रहते हैं, उसी प्रकार अगर आप अस्‍पताल में अपना हेल्थ कार्ड नंबर बताते हैं, तो आपकी हेल्‍थ डीटेल दर्ज हो जाएगी।
पैन कार्ड जैसा कार्ड
एबीडीएम टेलीमेडिसिन जैसी तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहित करके और स्वास्थ्य सेवाओं के राष्ट्रीय स्तर पर पोर्टेबिलिटी को सक्षम करके गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।
स्वास्थ्‍य सेवाएं होंगी बेहतर
देश के नागरिक अपना आभा (आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता) नंबर बना सकेंगे, जिससे उनके डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड को जोड़ा जा सकेगा।
एक व्‍यक्ति एक नंबर
नंबर में सारे रिकॉर्ड
मरीज को अस्‍पताल में केवल अपना आभा नंबर बताना होगा, कंप्‍यूटर में फीड करते ही, पिछली बीमारियों का पता चल जाएगा, डॉक्टर उसी हिसाब से इलाज कर सकेंगे।
यह विभिन्न स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं में व्यक्तियों के लिए विस्तृत स्वास्थ्य रिकॉर्ड बनाने में सक्षम होगा और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं द्वारा नैदानिक ​​निर्णय लेने को बेहतर बनाएगा।
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प्रयोग के तौर पर इस योजना को छह केंद्र शासित प्रदेशों लद्दाख, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप में शुरू किया जा चुका है।
केंद्रशासित राज्यों में शुरू
24 फरवरी 2022 तक, 17,33,69,087 आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाते बनाए गए हैं और एबीडीएम में 10,114 डॉक्टरों और 17,319 स्वास्थ्य सुविधाओं को पंजीकृत किया गया है।
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