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औषधीय गुणों से भरपूर कड़कनाथ, सर्दियों में कराता है गर्मी का एहसास

सर्दियों के मौसम में कड़कनाथ मुर्गे की डिमांड भी बढ़ जाती है, जहां देश के अलग-अलग जिलों में मध्यप्रदेश के झाबुआ और अन्य जिलों से कड़कनाथ मुर्गे भेजे जाते हैं।
Naman Matke
कड़कनाथ अपने औषधीय गुणों और स्वाद के चलते देश भर में प्रसिद्ध है। यही कारण है कि, दिनों दिन कड़कनाथ की फॉर्मिंग में भी बढ़ोतरी हो रही है।
मध्यप्रदेश के झाबुआ, अलीराजपुर और अन्य जिलों में पाए जाने वाला कड़कनाथ मुर्गा वैसे तो अपने औषधीय गुणों के चलते देश भर में प्रसिद्ध है, लेकिन कड़कनाथ मुर्गे का स्वाद भी बेहद ही लजीज होता है।
कड़कनाथ मुर्गा गहरे काले रंग का होता है, साथ ही इसका मांस और खून भी काले रंग का होता है। कड़कनाथ की तासीर गर्म होने के कारण बारिश और ठंड में इसकी डिमांड बढ़ती है।
कड़कनाथ मुर्गे का मीट, हड्डियां और खून तक काले रंग का होता है। कड़कनाथ मुर्गे का मीट पौष्टिक गुणों से भरपूर होता है। साथ ही इसके मीट में वसा कम होने के साथ-साथ प्रोटीन ज्यादा होता है।
कड़कनाथ मुर्गा विशेष तौर पर झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी और धार जिले में पाया जाता है, जहां कड़कनाथ मुर्गे ने किसानों को भी अच्छा खासा व्यवसाय प्रदान किया है। कड़कनाथ मुर्गे की डिमांड देश के अलग-अलग हिस्सों में रहती है।
क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी रांची स्थित अपने फार्म हाउस पर कड़कनाथ पालन कर रहे हैं। वहीं कड़कनाथ के अपने इसी बिजनेस के चलते एम.एस धोनी ने झाबुआ से कड़कनाथ नस्ल के 2 हजार चूजे खरीदे थे।
प्रदेश के प्रसिद्ध कड़कनाथ की देश में बढ़ती माँग को देखते हुए राज्य शासन ने इसके उत्पादन और विक्रय को बढ़ाने के लिये विशेष योजना तैयार की थी। इससे कुक्कुट पालकों की आय में भी इजाफा हुआ।
कड़कनाथ कुक्कुट पालन को सहकारिता के माध्यम से बढ़ावा देने के लिये कड़कनाथ के मूल जिलों- झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी और धार जिलों की पंजीकृत कड़कनाथ कुक्कुट पालन समितियों के सदस्यों को प्रशिक्षण भी दिया गया है।
मध्यप्रदेश में चयनित हितग्राही को कड़कनाथ पालन के लिए नि:शुल्क चूजे, दवा, दाना-पानी का बरतन और प्रशिक्षण देने के साथ ही उनके निवास के लिए शेड भी बनाकर दिए जाते हैं।