Jaipur: जानिए जयपुर का अर्थ? 'पिंकसिटी' के बारे में 10 अनोखी बातें
राजस्थान की राजधानी जयपुर का नाम लेते ही आंखों के सामने भव्य किलों, महलों और सुंदर झीलों की तस्वीरें आ जाती हैं। (Photo credit: Wikipedia)
Ankur Sharma
परंपराओं और कलाकृतियों से सजे इस शहर की हर बात निराली है, आपको बता दें कि इस शहर को राजा सवाई जय सिंह ने साल 1727 में बसाया था।(Photo credit: Wikipedia)
ये राजस्थान का पहला ऐसा शहर था, जिसे कि नियमबद्ध तरीके से बसाया गया था, जिसे बसाने में चार साल लगे थे।(Photo credit: Wikipedia)
जयपुर का अर्थ है - 'जीत का नगर' और ये अपने नाम के पूरी तरह से अनुरूप है, ये शहर हर किसी को अपने मोहक अंदाज से जीत ही लेता है।(Photo credit: Wikipedia)
वर्ष 1876 में वेल्स के राजकुमार एडवर्ड यहां पर शाही मेहमान बनकर आए थे, तब तत्कालीन महाराजा राम सिंह ने इस शहर को गुलाबी रंग में सजाया था, तब से ही ये 'पिंकसिटी' हो गया।(Photo credit: Wikipedia)
इस शहर के दो स्थलों को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों में चुना गया है, पहला है आमेर का किला और दूसरा है जंतर-मंतर।(Photo credit: Wikipedia)
अपनी कलात्मक कलाओं के लिए ही नहीं बल्कि इस शहर में लेखनी का सबसे बड़ा महोत्सव भी होता है, जिसे कि साहित्य महोत्सव कहते हैं।(Photo credit: Wikipedia)
जयपुर अपने परंपरागत परिधानों और संगीत के लिए भी लोकप्रिय है, यहां के 'घूमर नृत्य' को देखने और लहंगा-चुन्नी को खरीदने के लिए विदेशी भी दूर-दूर से आते हैं।(Photo credit: Wikipedia)
जयपुर अपने जायकों के लिए भी काफी लोकप्रिय है, यहां का श्रीखंड, रेड मीट, केर सांगरी, प्याज की कचौड़ी, घेवर, गट्टे की सब्जी, दाल, बाटी, चूरमा जो खाता है उंगलियां चाटता रह जाता है।(Photo credit: Wikipedia)
जयपुर को one walled city कहते हैं क्योंकि इसकी एंट्री का एक ही गेट है, जो कि इसकी सुरक्षा के दृष्टिकोण के हिसाब से रखा गया था।(Photo credit: Wikipedia)