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Gun License: कैसे मिलता है पिस्तौल और राइफल का लाइसेंस

भारत में बंदूक का लाइसेंस हासिल करना हर किसी के बस की बात नहीं है। लेकिन 21 साल से अधिक उम्र का कोई भी शख्स गन लाइसेंस हासिल कर सकता है।
Rahul Kumar

आर्म्स एक्ट, 1959 के तहत आत्मरक्षा के लिए जिला प्रशासन जरूरतमंद लोगों को गन लाइसेंस देता है।

भारत का कोई भी नागरिक जो बंदूक रखना चाहता है, उसे केवल एनपीबी बंदूकें खरीदने की अनुमति होती है।

गन लाइसेंस कैसे प्राप्त करें?
 बंदूक लाइसेंस प्राप्त करने के लिए जिला पुलिस अधीक्षक के यहां फॉर्म मिलता है। बंदूक के लाइसेंस के लिए ऑनलाइन भी आवेदन किया जा सकता है

लाइसेंस फॉर्म पुलिस के पास पहुंचे के बाद एड्रेस का सत्यापन किया जाता है और आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जाती है।

लाइसेंस हासिल करने के लिए आपकी उम्र 21 साल या अधिक होनी चाहिए,आप भारत के नागरिक हों,गंभीर आपराधिक मामले दर्ज न हों,शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हों।

जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिलाधिकारी की संस्तुति के बाद जब लाइसेंस मिल जाता है उसके बाद आप वही ​हथियार खरीद सकते हैं।

लाइसेंस के लिए जरूरी डॉक्युमेंट्स:
पहचान प्रमाण पत्र और एड्रेस प्रूफ, मेडिकल सर्टिफिकेट, आयु प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, इनकम की जानकारी

फैक्ट्री से बंदूक लेने के लिए जरूरी दस्तावेज
वैध तारीख और जगह के साथ जारी लाइसेंस अंग्रेजी या हिंदी में होना चाहिए, बंदूक के लाइसेंस की फोटोकॉपी और पुलिस  अनापत्ति प्रमाण पत्र की कॉपी।

लगभग दो महीने के इंतजार के बाद ग्राहक को पिस्टल डिलीवर कर दी जाती है, और कुछ स्थितियों में अधिक समय भी लग जाता है।

बंदूक के लाइसेंस मिलने के साथ ही ये भी तय किया जाता है कि आपको एक साल के दौरान कितनी गोलियां दी जाएंगी।

गोलियां कहां खर्च कीं, इसके रिकॉर्ड के तौर पर खोखे रखने होते हैं और इसकी जानकारी देनी पड़ती है तभी आपको फिर से नई गोलियां दी जाती हैं।