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ऐसे होती है IAS-IPS अधिकारियों की ट्रेनिंग

आईएएस और आईपीएस की ट्रेनिंग की शुरुआत मसूरी स्थित LBSNAA में फाउंडेशन कोर्स से होती है।
vishwanath saini
UPSC की सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद IAS व IPS कैडर अलॉट किया जाता है।
फिर इन भावी कलेक्‍टर-एसपी को स्‍पेशल ट्रेनिंग दी जाती है।
आईएएस और आईपीएस की ट्रेनिंग की शुरुआत मसूरी स्थित LBSNAA में फाउंडेशन कोर्स से होती है।
LBSNAA का पूरा नाम लाल बहादुर शास्त्री नेशनल अकेडमी ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेशन है।
फाउंडेशन कोर्स में सिविल सेवा के लिए चुने गए सभी कैंडिडेट्स की तीन महीने की ट्रेनिंग दी जाती है।
फाउंडेशन कोर्स में बेसिक एडमिनिस्ट्रेटिव स्किल सिखाए जाते हैं।
एडमिनिस्ट्रेटिव स्किल जानना हर सिविल सेवा अधिकारी के लिए जरूरी होता है।
LBSNAA में भावी अफसरों को कुछ खास एक्टिविटीज कराई जाती हैं।
LBSNAA में इंडिया डे का आयोजन होता है, जिसमें सभी अफसरों को अपने-अपने राज्य की संस्कृति का प्रदर्शन करना होता है।
अधिकारियों को विलेज विजिट में देश के किसी सुदूर गांव में जाकर 7 दिन रहना होता है।
LBSNAA में 3 महीने की फाउंडेशन ट्रेनिंग के बाद आईपीएस अधिकारियों को हैदराबाद स्थित SVPNPA भेजा जाता है।
आईएएस ट्रेनी लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन में ही रह जाते हैं।
SVPNPA का पूरा नाम सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी है।
SVPNPA में पुलिस अधिकारियों को ट्रेनिंग में घुड़सवारी, परेड और हथ‍ियार चलाना सिखाया जाता है।