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पंगेसियस मछली का अचार खाया है कभी ? छत्तीसगढ़ में हो रहा तैयार

छत्तीसगढ़ में पंगेसियस मछली का अचार महिला समूहों द्वारा (Pickle) बनाया जा रहा हैं। काफी तैलीय मछली के रूप में, पंगेसियस का एक अलग स्वाद होता है। जिससे महिलाएं अच्छी आमदनी कमा रहीं हैं।
Manendra

आपने आम, नींबू, आंवला, मिर्च, का अचार का स्वाद तो खूब चखा होगा। लेकिन क्या कभी मछली के अचार (Pickle) का स्वाद लिया है ?

हम आपको एक ऐसे मछली के आचार के बारे में बताने जा रहें हैं. जो आपके सेहत के लिए भी लाभदायक है.
इस मछली को छत्तीसगड़ में पंगास कहते हैं। पंगास मछली का अंग्रेजी नाम पंगेसियस है। मछली पालन करने वाले कई किसान इसकी खेती करतें हैं और लाभ कमाते हैं।
यह अचार आपके खाने का जायका बढ़ा देता है। इस अचार को बनाने के लिए, हल्दी,मिर्च, सरसो, काली मिर्च, नमक, तेल, लहसुन, कश्मीरी मिर्च, नींबू का रस, वाइट विनेगर, कलौंजी, रोस्टेड सौंफ मेथी दाना जैसे मशालों की जरूरत होती है
इस मछली में फास्फोरस, मैग्नीशियम, कैल्शियम विटामिन A, E, PP, BC, और ओमेगा 3, आयरन, फ़्लोरिन, पाया जाता है।
पंगास मछली के फिलेटिंग, डिस्केलिंग, कटिंग के साथ मछली अचार बनाने क प्रशिक्षण महिला समूह को दिया गया था। इसके साथ ही मछली अचार की अच्छी गुणवत्ता और उसे अधिक समय तक सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक जानकारी महिलाओं को दिया गया।
राजनांदगांव जिले के बनबघेरा गांव में जय बूढ़ादेव समूह की महिलाओं ने नए तरह का उत्पाद बनाने के लिए मछली का अचार बनाना शुरू किया. और आज अपना ब्रांड बनाकर मार्केट में उपलब्ध करा रहीं हैं।
समूह की महिलाओं ने जिला पंचायत के निर्देशन में भीड़ से हटकर एक नया उत्पाद बनाया. शुरुआत में ही गौठान में महिलाओं ने 5000 के अचार बेचे. अब इस अचार की मांग बढ़ने लगी.
समूह की सदस्य सरिता बताती हैं कि एक किलो अचार 500 रुपए में बिकता है। सरकार ने आउट ऑफ बॉक्स आइडियाज को बढ़ावा दिया, जिसके कारण महिलांएं आत्मनिर्भर बन रहीं हैं।