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4 दिन पहले बदरीनाथ धाम के कपाट बंद करने की प्रक्रिया शुरू, ये है वजह

विश्व प्रसिद्ध चारधाम में से एक बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए 19 नवंबर को बंद कर दिए जाएंगे। शीतकाल में बदरी विशाल के दर्शन पांडुकेश्वर में होंगे। कपाट बंद करने की प्रक्रिया 4 दिन पहले शुरू हो गई है।
Pavan nautiyal
उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का 19 नवंबर को बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होते ही इस सीजन में यात्रा का समापन हो जाएगा।
शीतकाल में बदरी विशाल के दर्शन पांडुकेश्वर में होंगे। कपाट बंद करने की प्रक्रिया 4 दिन पहले शुरू हो गई है।
तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि कपाट बंद होने की प्रक्रिया 4 दिन पहले होने की मान्यता पूजा अर्चना का काम नारद भगवान को सौंपने की प्रक्रिया से है।
पहले दिन 15 नवंबर को भगवान गणेश के मंदिर के कपाट बंद किए गए। 16 नवंबर को आदिकेदारेश्वर मंदिर के कपाट बंद होंगे। 17 नवंबर को खड़क पुस्तकों को गर्भगृह में रख वेद ऋृचाओं का वाचन बंद होगा।
18 नवंबर को मां लक्ष्मी गर्भगृह में विराजमान होंगी। 19 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट शाम 3:35 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
इसके साथ ही इस वर्ष चारधाम यात्रा का भी समापन हो जाएगा।
इसके पीछे मान्यता है कि आज से पुस्तकों का चार्ज नारद जी को सौंपा जाएगा। मान्यता है कि शीतकाल में नारद जी देवताओं की और से प्रधान पुजारी नारद जी को दिया जाएगा।
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