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Black Tomato Farming: काले टमाटर की खेती से बढ़ेगी किसानों की आमदनी

अब हिंदुस्तान में भी काले टमाटर की खेती सफलता पूर्वक की जा रही है
inzamam
काले टमाटर को ‘इंडिगो रोज टोमेटो’ भी कहते हैं, यह तोड़ने के बाद भी कई दिनों तक ताज़ा रहता है
काला टमाटर जल्दी खराब और सड़ता नहीं है, इसमे बीज भी कम होते हैं
ऊपर से काला और अंदर से लाल दिखने वाला यह टमाटर का स्वाद नमकीन होता है
काले टमाटर में मीठापन नहीं होने की वजह से यह शुगर के मरीजों के लिए काफी लाभदायक होता है
भारत की जलवायु में काले टमाटर की खेती आसानी से की जा सकती है, इसकी लाल टमाटर की तरह ही खेती कर सकते हैं
काले टमाटर के किस्म वाले पौध ठंडे स्थानों पर विकसित नहीं हो पाते हैं, इसकी खेती के लिए गर्म क्षेत्र उपयुक्त होता है
काले टमाटर की बुआई जनवरी माह में उपयुक्त मानी जाती है, मार्च-अप्रैल के महीने में काले टमाटर तैयार हो जाते हैं
काले टमाटर की खेती के लिए जीवांश और कार्बनिक गुणों से भरपूर दोमट मिट्टी सही मानी जाती है
चिकनी दोमट मिट्टी में भी इसकी खेती की जा सकती है, मिट्टी का पीएच मान 6.0-7.0 होना चाहिए
काले टमाटर की खेती के लिए 10 से 30 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान में सही माना जाता है, 21 से 24 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान में पौधों का सही विकास होता है
भारत में बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई किसान इसकी खेती कर रहे हैं
काले टमाटर की जैविक खेती करके किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं। काले टमाटर की बीज अब भारत में आसानी से उपलब्ध है
काले टमाटर के बीज आप अमेज़न, फ्लिपकार्ट, बिगहाट जैसी कंपनियों से ऑनलाइन मंगवा सकते हैं
काले टमाटर की लाल टमाटर से औषधीय गुण ज्यादा होती है,आकर्षक रंग होने की वजह से भी बाज़ार में इसकी डिमांड बहुत ज्यादा है
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