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Bisleri का कभी उड़ा था मजाक, शुद्धता से जीता भरोसा

बिसलेरी (Bisleri) वॉटर की कंपनी को मालिक रमेश चौहान ने बेचने का फैसला किया है।
Ankur Sharma
माना जा रहा है कि टाटा ग्रुप (Tata Group) इस कंपनी को 7000 करोड़ में खरीदने जा रहा है।
कंपनी को बेचने के पीछे रमेश चौहान ने अपनी बढ़ती उम्र, गिरती सेहत और कोई उत्तराधिकारी ना होना बताया है।
रमेश चौहान की एक ही बेटी है जयंती चौहान, जिनकी इस कंपनी में कोई दिलचस्पी नहीं है।
रमेश चौहान ने इस कंपनी को 28 साल की उम्र में साल 1969 में केवल चार लाख में इटैलियन बिजनेसमैन से खरीदा था।
बिसलेरी वाटर प्लांट की जब स्थापना भारत में की गई थी तब लोगों ने कंपनीवालों का 'पागल' कहकर मजाक उड़ाया था।
रमेश चौहान पर लोगों ने तंज कसते हुए कहा था 'अब बस लोगों को पानी पिलाना ही रह गया था।'
लेकिन धीरे-धीरे पानी महंगे रेस्टोरेंट और five star hotels में बिकने लगा और आज ये पानी बोतलबंद वाटर मार्केट की दुनिया में शीर्ष पर है।
आज बिसलेरी का पानी 250ML, 500ML, 1Liter, 1.5liter, 2Liter, 5liter और 20Liter की बोतलों में मिलता है।
शुरुआत में पानी कांच की बोतलों में बेचा जाता था लेकिन बाद में ये नॉन-रिटर्न की बोतलों में बिकने लग गया।
बिसलेरी का 4500 से भी ज्यादा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क है और इसकी शुद्धता ही इसकी सफलता का राज है।
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