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बिहार में मुखिया बनना, मौत को दावत देना

बिहार में मुखिया बनना मौत को दावत देना जैसा हो गया है, हाल में हुई कई घटनाओं से ऐसा लगता है।
बिहार में पिछले आठ महीने में आठ मुखिया की हत्या हो चुकी है।
शुक्रवार, 8 अप्रैल 2022 को सहरसा जिला के खजूरी पंचायत मुखिया रंजीत साह को अपराधियों ने गोलियों से भून दिया।
31 मार्च 2022 को भागलपुर जिले के कुमैठा पंचायत मुखिया अनिता देवी का मर्डर हो गया।
जनवरी 2022 में गोपालगंज जिले के धतीवाना पंचायत के मुखिया सुखल मुसहर की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
दिसंबर 2021 में पटना जिले के रामपुर फरीदपुर पंचायत के मुखिया नीरज कुमार की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी।
दिसंबर 2021 में ही पटना जिले के पूर्वी पंडारक पंचायत के मुखिया गोरेलाल यादव की हत्या कर दी गई।
दिसंबर 2021 में जमुई जिले के दरखा पंचायत के मुखिया प्रकाश महतो की हत्या कर दी गई।
मुंगेर में दिसंबर 2021 में आजिमगंज पंचायत के मुखिया परमानंद टुड्डु का गला नक्सलियों ने रेत दिया।
नवंबर 2021 में भोजपुर जिले के बाबू बांध पंचायत के मुखिया संजय सिंह का पीछा कर उनको रास्ते में गोली मार दी गई।