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भोपाल में लगने वाला इज्तिमा गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में हो चुका है दर्ज

राजधानी भोपाल में 18 नवंबर से आलमी तब्लीगी इज्तिमा का आयोजन किया जा रहा है। ऐसे में आपके मन में यह जानने की उत्सुकता होगी कि इज्तिमा क्या होता है और इसका मकसद क्या होगा? रोचक फैक्ट जानने के लिए पूरी स्टोरी देखें।
laxmi narayan malviya
इज्तिमा अरबी भाषा का एक शब्द है, इसका मतलब कई लोगों का एक जगह इकट्ठा होना होता है। ये एक प्रकार का जलसा होता है। जिसमें लाखों लोग एक साथ अल्लाह से दुआ करते हैं।
इज्तिमा कई तरह के होते हैं। जिनमें जिले से लेकर देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले इज्तिमा में शामिल होते हैं।
तबलीगी जमात बीते 80 सालों से इज्तिमा का आयोजन कर रहा है। इस तरह का जलसा पहली बार 1940 में हुआ था।
दुनिया का सबसे बड़ा इज्तिमा बांग्लादेश के ढाका में तुराग नदी के किनारे टोंगी में लगता है। जिसमें लोग कुरान से छंदों को पढ़ते और समझते हैं।
भोपाल इज्तिमा में 2022 में देश भर से 10 लाख लोग जुटेंगे।
इज्तिमा का आयोजन बरसों से भोपाल और बांग्लादेश में आयोजित किया जा रहा है। भोपाल इस आयोजन में दूसरे स्थान पर है तो बांग्लादेश पहले स्थान पर है।
भोपाल में होने वाले इज्तिमा में देशभर से मुस्लिम एकजुट होते हैं। ये आयोजन कोरोना के 2 साल बाद भोपाल में आयोजित हो रहा है।
इज्तिमा में हर धर्म के लोग शामिल हो सकते हैं कई लोग इस्लाम को समझने के लिए कार्यक्रम में शामिल होने आते हैं।
68वें इज्तिमा के आयोजन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी हुए थे शामिल।
भोपाल में पहली बार इज्तिमा 2022 में स्टील के बर्तन में मिलेगा नाश्ता