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सीएम सिटी गोरखपुर की मशहूर जगहेें जो आपकी यात्रा को बनांएगी यादगार

गोरखपुर व आस-पास के क्षेत्रों में पर्यटन का तेजी से विकास हुआ है। गोरखपुर में पर्यटन स्थलों की सुन्दरता बढ़ी है एंव उन्हें शानदार रुप दिया गया है।आज आपको गोरखपुर की कुछ मशहूर जगहों के बारे में बता रहे हैं।
PunitKumar Srivastava
गोरखनाथ मंदिर नाथ संप्रदाय का विश्व प्रसिद्ध मठ है।जिसके अनुयायी विश्व भर में हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पीठ के पीठाधीश्वर हैं।मकर संक्रान्ति के अवसर पर यहां खिचड़ी मेले का आयोजन किया जाता है।जहां देश-विदेश के लोग खिचड़ी चढ़ाने आते हैं।
गीता प्रेस गोरखपुर का प्रसिद्ध पर्यटक स्थल हैं।इसे हिन्दू धार्मिक ग्रंथों और पुस्तकों को प्रकाशित करने की दुनिया की प्रमुख प्रेस होने का गौरव प्राप्त है। यह 1 9 23 में जया दयाल गोयंदका और घनश्याम दास जालान द्वारा शुरू किया गया था।
रामगढ़ताल या रामगढ़ झील के नाम से प्रसिद्ध यह गोरखपुर का प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं।यहां का प्राकृतिक दृश्य मनमोहक होता है।
कुसम्ही जंगल का प्राकृतिक नजारा अद्भुत है।यह वन साल के पेड़ो का घना जंगल है। घने हरे जंगल में बुढ़िया माता का प्राचीन मंदिर भी है।जो भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र भी है। जंगल के भीतर अन्य आकर्षण विनोद वन पार्क और एक चिड़ियाघर हैं।
रेलवे संग्रहालय रेल म्यूजियम लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।इस संग्रहालय को वर्ष 2007 में जनता के लिए खोला गया था। इस संग्रहालय का सबसे विशेष आकर्षण लॉर्ड लॉरेंस का भाप इंजन है। यह 1874 में लंदन में बनाया गया था
राजकीय बौद्ध संग्रहालय रामगढ़ ताल क्षेत्र में स्थित राजकीय बौद्ध संग्रहालय पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र है। इस संग्रहालय की स्थापना वर्ष 1987 में विविध तत्वों के संरक्षण के लिए की गई थी। संग्रहालय इस दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें पाषाण काल से लेकर मध्य काल तक की पुरातात्विक वस्तुएं हैं।
गोरखरपुर का चिड़ियाघर गोरखपुर चिड़ियाघर 121 एकड़ में बनाया गया है और इस चिड़िया घर में 155 से अधिक वन्य जीव लाए जाने हैं और बहुत से जीव लाए जा रहे हैं। चिड़ियाघर लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।इसमें 6 वर्ष तक के बच्चों को मुफ्त प्रवेश दिया जा रहा है।
विष्णु मंदिर शहर के मेडिकल कॉलेज रोड पर भगवान विष्णु का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है।भगवान विष्णु की यह प्रतिमा 12वीं सदी के पाल वंश के समय की है। मंदिर की खास बात यह है कि यहां स्थापित भगवान विष्णु की प्रतिमा के होंठ दिनभर में तीन तरह से बदलते हैं। मतलब भगवान की मुस्कान दिनभर में तीन तरह की होती है।
गोरखपुर के इन पर्यटन स्थलों के लिए आप सड़क मार्ग, रेल मार्ग व वायुमार्ग की सुविधा ले सकते हैं। तीनों सुविधाएं आपकी यात्रा को सरल बनाएंगी।