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किस कानून की वजह से आजम खान से छिन गया वोट देने का अधिकार

समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान से चुनाव आयोग ने वोट देने का अधिकार छीन लिया है। वोटर लिस्ट से भी नाम हटाया गया है।
pallavi kumari
आजम खान को हेट स्पीच के मामले में कोर्ट ने 3 साल की सजा सुनाई है। जिसके बाद उनकी विधानसभा की सदस्यता भी रद्द कर दी गई।
अब चुनाव आयोग ने लोक प्रतिनिधि कानून की धारा 16 के तहत कार्रवाई करते हुए आजम खान से वोट देने का अधिकार छीन लिया है।
लोक प्रतिनिधि अधिनियम की धारा 16 के अनुसार, ''अगर व्यक्ति भ्रष्टाचार या अपराध से जुड़ा होता है तो, उसका वोट देने का अधिकार छीना जा सकता है।''
धारा 16 (2) में ये भी प्रावधान है कि अगर सांसद या विधायक की सदस्यता रद्द होती है, तो उसका वोटर लिस्ट से नाम हटा दिया जाए।
वोट देने का अधिकार छीनने के बारे में कानून के अध्याय-4 में लिखा गया है। जिसके मुताबिक...
अगर किसी व्यक्ति को IPC की धारा 171E या 171F या लोक प्रतिनिधि अधिनियम की धारा 125 या 135 के तहत दोषी पाया जाता है तो उसका वोट देने का अधिकार छीना जा सकता है।
आजम खान लोक प्रतिनिधि अधिनियम की धारा 125 के तहत भी दोषी पाए गए हैं।
लोक प्रतिनिधि कानून के तहत दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति से 6 साल तक वोट देने का अधिकार छीना जा सकता है।
अब आजम खान 5 दिसंबर को रामपुर सदर सीट पर होने वाले उपचुनाव में वोट नहीं डाल सकेंगे।