W. Bengal SIR: क्या सिर्फ ‘Banglar Bari’ कागज़ काफी? सुप्रीम कोर्ट ने Judicial अधिकारियों को जोड़ा
पश्चिम बंगाल में चल रही SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बड़ी सुनवाई हुई। मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की सरकार ने “Banglar Bari” योजना के तहत दिए गए मकानों के प्रमाणपत्र को वैध दस्तावेज़ मानने की मांग रखी, जबकि Election Commission of India (ECI) ने इस पर आपत्ति जताई। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल SIR प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई, लेकिन Judicial और Ex-Judicial अधिकारियों को प्रक्रिया में शामिल करने का निर्देश दिया, ताकि पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके। Supreme Court के Media Park से Shivendra Gaur (OneIndia Hindi) ने इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता Dhruv Kumar और R. N. Mohanti से विशेष बातचीत की। दोनों वरिष्ठ वकीलों ने Banglar Bari योजना, नागरिकता सत्यापन, और SIR प्रक्रिया के कानूनी पहलुओं को विस्तार से समझाया। क्या सिर्फ एक योजना का प्रमाणपत्र मतदाता सूची में नाम बनाए रखने के लिए पर्याप्त है? क्या सुप्रीम कोर्ट का Judicial निगरानी वाला कदम बड़ा संकेत है? देखिए पूरी रिपोर्ट — सिर्फ OneIndia Hindi पर।


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