Sonam Wangchuk Hunger Strike:19 दिन से भूखे वांगचुक, रेंग रही सांसें...जान लेकर ही मानेगी अंधी सरकार
सोनम वांगचुक के अनशन ने एक बार फिर लोकतंत्र, शिक्षा व्यवस्था और सरकार की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देश के प्रसिद्ध इंजीनियर, शिक्षाविद और पर्यावरणविद वांगचुक पिछले 19 दिनों से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को नियमित चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इस बीच विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता सरकार पर संवाद न करने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि डॉक्टर लगातार उनकी स्वास्थ्य जांच कर रहे हैं। रिपोर्ट में वांगचुक के योगदान, शिक्षा सुधार, पर्यावरण संरक्षण और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों के साथ NEET पेपर लीक जैसे मामलों पर भी सवाल उठाए गए हैं। क्या देश में अपनी बात रखने के लिए अनशन ही आखिरी रास्ता रह गया है? लोकतंत्र, युवाओं के भविष्य और सरकार की जिम्मेदारी पर उठते इन सवालों पर यह विशेष रिपोर्ट आधारित है।


Click it and Unblock the Notifications