By: Oneindia Hindi Video Team
Published : December 20, 2017, 04:02

राहुल गांधी फिर से कैसे करेंगे शुरुआत या फिर छुट्टियां मनाने चले जाएंगे विदेश

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गुजरात और हिमाचल में चुनाव हो गए हैं और कांग्रेस अब आत्म मंथन भी करने लगी है... केन्द्र के साथ- साथ 19 राज्यों की सत्ता पर काबिज बीजेपी के मुकाबले 5 राज्यों वाली कांग्रेस के नए नवेले अध्यक्ष राहुल गांधी अब कहां से शुरु करेंगे ? अब ये सबसे बड़ा सवाल है . सवाल इसलिेए भी अगले ही साल कर्नाटक , मेघालय, राजस्थान , मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत आठ राज्यों में चुनाव होने वाले हैं . कांग्रस के हिस्से अब जो पांच राज्य बचे हैं, उनमें सिर्फ पंजाब और कर्नाटक बड़े और ताकतवर राज्य हैं , बाकी रेजगारी की तरह हैं . पंजाब में तो कुछ ही महीने पहले चुनाव हुए हैं इसलिए चार सालों के लिए कांग्रेस निश्चिंत रह सकती है लेकिन कनार्टक हाथ से निकला तो नए साल का पहला बड़ा झटका लगेगा . साल के आखिर में मध्यप्रदेश , राजस्थान और छत्तीसगढ में चुनाव होने हैं . एमपी और छत्तीसगढ़ में पंद्रह सालों से बीजेपी सरकार है . इस हिसाब से देखें को 2018 राहुल गांधी के लिए सबसे अहम है . 2018 में होने वाले विधानसभा चुनावों के नतीजे ही 2019 की दिशा पूरी तरह से तय कर देंगे . कांग्रेस अध्यक्ष की ताजपोशी के तुंरत बाद दो राज्यों में झटका खा चुके राहुल गांधी के लिए अगले 18 महीने बेहद अहम हैं . एक -एक दिन अहम है . अगर वो बीजेपी से कुछ सीखकर चुनाव को जंग की तरह लड़ना चाहते हैं , मोदी और अमित शाह की तरह जीत का पीछा करना चाहते हैं तो उन्हें अभी से कमर कसना होगा . एक -एक दिन के हिसाब से रणनीति बनानी होगी . नहीं तो चैन से साल के अंत में छुट्टियां बिताने जा सकते हैं . नए साल की शुरुआत में जनवरी और फरवरी की गुनगुनी धूम और मौसम का मजा लेते है विराम मुद्रा में आराम कर सकते हैं . मई में कर्नाटक विधानसभा चुनाव होने हैं तो तीन महीने पहले यानी फरवरी के आखिर या मार्च से चैनावस्था से निकल कर चुनाव चिंतन और तैयारियों पर काम शुरु कर सकते हैं , जैसा कि वो करते रहे हैं . अमित शाह जब तक दांव चल चुके होंगे तब खेल में अपने पासे लेकर उतरेंगे ही राहुल गांधी... तो राहुल गांधी को अगर वाकई मोदी -शाह की महाबली टीम से लड़ना -जूझना है तो महीनों बाद होने वाले जंग के मैदान में अभी से कूदना होगा . तैयारियां अभी से करनी होगी . गुजरात में राहुल मंदिर -मंदिर गए . टीका लगाया . चंदन लगाया . आरती का थाल सजाया . जनेऊ दिखाया . खुद सनातनी हिन्दू बताया . सबकुछ कर लिया और अस्सी पाकर अटक गए . अब यहां से आगे कैसे निकले सवाल ये बड़ा है... ऐसे सैकड़ों सवाल हैं , जिनका जवाब राहुल गांधी को अभी से तलाशना होगा . बीतने जा रहे साल और आने वाले साल की छुट्टियों का मजा लिए बगैर .

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